19.7 C
Munich
Tuesday, July 14, 2026

हरिद्वार की अनंता रीसाइक्लर्स एलएलपी फैक्ट्री में कामगार से मारपीट का आरोप, बंधक बनाकर 10 हजार रुपये वसूलने और मजदूरी रोकने का दावा, जांच की मांग

Must read

हरिद्वार। उत्तराखंड के भगवानपुर क्षेत्र स्थित अनंता रीसाइक्लर्स एलएलपी, खसरा नंबर-1179/के, गांव नन्हेड़ा अनंतपुर, बंधाखेड़ी रोड, भगवानपुर, हरिद्वार-247661 में काम करने पहुंचे बिहार के युवक ने फैक्ट्री के दो साझेदारों और कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उपलब्ध जीएसटी विवरण के अनुसार फैक्ट्री का प्रधान व्यावसायिक पता यही दर्ज है।

पीड़ित अखिलेश कुमार, उम्र 24 वर्ष, पिता कृष्णा प्रसाद, जिला पूर्वी चंपारण (मोतिहारी), बिहार के निवासी हैं। उनका कहना है कि वह 1 जुलाई को रोजगार की तलाश में रुड़की पहुंचे थे। इसके बाद उन्हें भगवानपुर स्थित अनंता रीसाइक्लर्स एलएलपी, खसरा नंबर-1179/के, गांव नन्हेड़ा अनंतपुर, बंधाखेड़ी रोड, भगवानपुर, हरिद्वार-247661 में काम मिला। उनके अनुसार जिस मशीन पर उन्हें काम करने के लिए लगाया गया, वह पहले से खराब थी। उन्होंने मशीन में तकनीकी खराबी और गैस रिसाव की आशंका की जानकारी फैक्ट्री प्रबंधन को दी, लेकिन उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया।

अखिलेश का आरोप है कि फैक्ट्री के साझेदार अमित बंसल और अचू ने उन्हें मशीन हर हाल में चलाने का दबाव बनाया। उनका कहना है कि जब उन्होंने मशीन चालू की तो उसमें से गैस निकलने लगी। किसी बड़े हादसे की आशंका को देखते हुए उन्होंने तुरंत मशीन बंद कर दी। इसी बात से नाराज होकर कथित रूप से उनके साथ दुर्व्यवहार शुरू हो गया।

पीड़ित के अनुसार, अभिषेक नामक व्यक्ति ने उन पर लाठी से हमला किया, जबकि हनी सिंह ने फैक्ट्री का मुख्य गेट बंद कर दिया ताकि वह बाहर न निकल सकें। वहीं मनोज ने उन्हें भागने से रोकने का प्रयास किया। अखिलेश का आरोप है कि इन सभी लोगों ने मिलकर उन्हें फैक्ट्री परिसर में रोककर रखा, उनके साथ मारपीट की और मशीन खराब करने का आरोप लगाते हुए उनसे 10 हजार रुपये जबरन वसूल लिए। इसके अलावा 12 दिनों तक काम कराने के बावजूद उन्हें मजदूरी का भुगतान भी नहीं किया गया।

अखिलेश का कहना है कि 11 जुलाई की शाम करीब 6 बजे उनके साथ दोबारा मारपीट की गई। किसी तरह वह शाम करीब 7 बजे वहां से निकलकर थाने पहुंचे, लेकिन वहां उन्हें यह कहकर वापस कर दिया गया कि घटना संबंधित थाना क्षेत्र की नहीं है। पीड़ित का आरोप है कि थाने जाने की जानकारी फैक्ट्री पक्ष को मिल गई, जिसके बाद कुछ लोग उन्हें दोबारा पकड़ने के लिए पहुंच गए। अपनी जान बचाने के लिए उन्हें जंगल के रास्ते वहां से निकलना पड़ा।

पीड़ित ने यह भी बताया कि घटना के समय उनके साथ अजय नाम का एक अन्य युवक भी मौजूद था, जो उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर का रहने वाला है और करीब डेढ़ वर्ष से उसी फैक्ट्री में मशीन चलाने का काम कर रहा था। अखिलेश का आरोप है कि अजय की मोटरसाइकिल भी फैक्ट्री परिसर में रोक ली गई।

अखिलेश कुमार का दावा है कि उनके पास पूरे घटनाक्रम से जुड़े फोटो, वीडियो और अन्य साक्ष्य मौजूद हैं। उनका कहना है कि इन्हीं सबूतों के आधार पर उन्होंने मीडिया के माध्यम से अपनी बात सार्वजनिक की है और प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई, जबरन वसूले गए रुपये वापस दिलाने तथा बकाया मजदूरी का भुगतान कराने की मांग की है।

समाचार प्रकाशित किए जाने तक आरोपित पक्ष का आधिकारिक बयान सामने नहीं आया था। मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस और प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

- Advertisement -spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

Latest article