मौसम विभाग ने देश के 13 राज्यों में हल्की से लेकर अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं, दक्षिण भारत में अगले कुछ दिनों तक बारिश कम रहेगी और कुछ दक्षिणी राज्यों में उमस व लू का असर बना रह सकता है।
देश के कई राज्यों में भारी बारिश हो रही है, जिससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस बीच, मौसम विभाग ने बताया है कि उत्तरी बंगाल की खाड़ी में अगले 24 घंटे के भीतर एक कम दबाव का क्षेत्र बनने जा रहा है। इसके प्रभाव से अगले 7 दिनों के दौरान पूर्वी व पूर्वोत्तर भारत, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियों में तेजी आएगी।
खराब मौसम को देखते हुए विभाग ने देश के 13 राज्यों में हल्की से लेकर अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने की भी आशंका है। हालांकि, देश के उत्तर-पश्चिम मैदानी इलाकों और दक्षिण भारत में अगले कुछ दिनों तक बारिश कम रहेगी और कुछ दक्षिणी राज्यों में उमस व लू का असर बना रह सकता है।
इन राज्यों में मौसम का हाल
दिल्ली में इस पूरे हफ्ते मौसम सामान्य रहेगा। अधिकतम तापमान 38 डिग्री और न्यूनतम 27-28 डिग्री के आस-पास रहेगा। आंशिक बादल छाए रहने, तेज हवाओं और हल्की बूंदाबांदी से भीषण गर्मी से राहत मिलेगी।
उत्तर प्रदेश में 15 से 19 जुलाई के बीच बारिश का अनुमान है। पूर्वी यूपी में 17 से 19 जुलाई के बीच भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है, जबकि पश्चिमी यूपी (मेरठ, बिजनौर आदि) में 20 जुलाई तक हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है।
बिहार में 15 और 16 जुलाई को मूसलाधार बारिश की संभावना है, जो 20 जुलाई तक जारी रह सकती है।
वहीं, झारखंड में 15 से 17 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट है।
राजस्थान में 20 जुलाई तक सामान्य वर्षा होगी, यहां भारी बारिश का कोई अलर्ट नहीं है।
उत्तराखंड में 15 से 20 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट है।
हिमाचल प्रदेश में 15 और 16 जुलाई तक कई स्थानों पर बारिश होगी।
जम्मू-कश्मीर में 15 से 17 जुलाई तक कई स्थानों पर बारिश होगी।
आज 15 जुलाई को ओडिशा में अत्यंत भारी बारिश हो सकती है।
इसके अलावा पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम, मेघालय और मणिपुर में भी भारी बारिश की चेतावनी है।
वहीं, मौसम विभाग की ओर से आंकड़े जारी कर बताया गया है कि इस साल 1 जून से 13 जुलाई तक के मॉनसून सीजन में भारत के अधिकांश हिस्सों में वर्षा का स्तर सामान्य से काफी कम रहा है। कई बड़े राज्यों में पानी की इस भारी कमी के कारण स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है।
