बलिया। उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के बैरिया थाना क्षेत्र के गोन्ही छपरा गांव से एक गंभीर मामला सामने आया है। गांव की निवासी भग्यमनी देवी पत्नी अशोक कुमार सिंह ने पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाते हुए आरोप लगाया है कि 16 जुलाई 2026 की शाम करीब 4 बजे उनके परिवार पर जानलेवा हमला किया गया। महिला का आरोप है कि मारपीट के दौरान उनके साथ दुष्कर्म का प्रयास किया गया, परिवार की महिलाओं पर भी बेरहमी से हमला किया गया, लेकिन घटना के दो दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस एफआईआर दर्ज नहीं कर रही है और उन्हें लगातार थाने के चक्कर कटवाए जा रहे हैं।
पीड़िता के अनुसार उनके पति अशोक कुमार सिंह सेवानिवृत्त हो चुके हैं। वह लंबे समय तक शहर में रहने के बाद अब अपने पैतृक गांव लौटकर रह रहे हैं। परिवार का आरोप है कि गांव के ही माधव सिंह, गुड्डू सिंह और हरेराम सिंह ने अलग-अलग समय पर उनसे करीब 12 लाख रुपये उधार लिए थे। जब अशोक कुमार सिंह ने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपियों ने उन्हें धमकाना शुरू कर दिया और गांव छोड़ने का दबाव बनाने लगे।
शिकायत के अनुसार 16 जुलाई की शाम आरोपियों ने अशोक कुमार सिंह पर जानलेवा हमला कर दिया। बीच-बचाव करने पहुंचीं भग्यमनी देवी के साथ कथित रूप से मारपीट की गई, उनके कपड़े फाड़कर दुष्कर्म का प्रयास किया गया तथा जान से मारने की धमकी दी गई। परिवार का आरोप है कि बचाने पहुंची 25 वर्षीय युवती पर ईंट और दरांती से हमला किया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गई। दूसरी युवती के साथ भी मारपीट की गई।
पीड़िता का आरोप है कि घटना के बाद जब पूरा परिवार बैरिया थाने पहुंचा तो घायलों का मेडिकल तक नहीं कराया गया। इतना ही नहीं, घटना के दो दिन बाद भी पुलिस एफआईआर दर्ज नहीं कर रही है और लगातार उन्हें थाने के चक्कर कटवाए जा रहे हैं। परिवार का यह भी आरोप है कि जब वे कार्रवाई की मांग को लेकर थाने में मौजूद थे, उसी दौरान माधव सिंह, गुड्डू सिंह और हरेराम सिंह अपने घर में लोगों को बुलाकर बैठे थे, ताकि परिवार के वापस लौटने पर उन पर दोबारा हमला किया जा सके। इस कारण पूरा परिवार भय और दहशत के माहौल में जी रहा है।
भग्यमनी देवी ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराई जाए, सभी घायलों का मेडिकल कराया जाए तथा आरोपियों के विरुद्ध जानलेवा हमला, दुष्कर्म के प्रयास और अन्य गंभीर धाराओं में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में उनके परिवार के किसी सदस्य के साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित आरोपियों के साथ-साथ शिकायत की अनदेखी करने वाले अधिकारियों की भी होगी।
समाचार लिखे जाने तक इस मामले में पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आ सका है। पुलिस का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
