रिलांयस ने शुक्रवार को अप्रैल-जून 2026-26 तिमाही के नतीजों की जानकारी देते हुए कहा कि इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू 25.4 प्रतिशत बढ़कर 3.12 लाख करोड़ रुपये हो गया।
देश की सबसे वैल्यूएबल कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी कर दिए। कंपनी ने बताया कि इस दौरान उनका नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 22 प्रतिशत घटकर 20,946 करोड़ रुपये रह गया। हालांकि, टेलीकॉम, ऑयल-टू-केमिकल बिजनेस के अच्छे प्रदर्शन से कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट और EBITDA रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच गया।
रिलायंस के रेवेन्यू में 25.4 प्रतिशत की जोरदार बढ़ोतरी
रिलांयस ने शुक्रवार को अप्रैल-जून 2026-26 तिमाही के नतीजों की जानकारी देते हुए कहा कि इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू 25.4 प्रतिशत बढ़कर 3.12 लाख करोड़ रुपये हो गया। जून तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट घटकर 20,946 करोड़ रुपये रह गया, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में ये 26,994 करोड़ रुपये था। गिरावट की मुख्य वजह पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 8,924 करोड़ रुपये का वन-टाइम प्रॉफिट है। उस समय कंपनी को एशियन पेंट्स में अपनी हिस्सेदारी बेचने से असाधारण प्रॉफिट हुआ था। अगर इस वन-टाइम प्रॉफिट को हटा दिया जाए तो जून तिमाही में रिलायंस का वास्तविक प्रदर्शन मजबूत रहा है।
तिमाही आधार पर रिकॉर्ड 54,067 करोड़ रुपये हुआ रिलायंस का EBITDA
रिलायंस ने कहा कि तिमाही आधार पर उसका EBITDA 10.1 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 54,067 करोड़ रुपये हो गया, जबकि नेट प्रॉफिट 6.1 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 23,196 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इस दौरान, रिलायंस इंडस्ट्रीज के अलग-अलग बिजनेस सेगमेंट का प्रदर्शन मिला-जुला रहा, जहां ऑयल-टू-केमिकल (O2C) और टेलीकॉम बिजनेस ने मजबूत ग्रोथ दर्ज की। जबकि रिटेल बिजनेस अपेक्षाकृत कमजोर रहा। रिलायंस रिटेल का रेवेन्यू 7.4 प्रतिशत बढ़कर 90,408 करोड़ रुपये हुआ, लेकिन डिजिटल कॉमर्स प्लेटफॉर्म में लगातार इंवेस्टमेंट के कारण EBITDA 1.1 प्रतिशत घटकर 6,309 करोड़ रुपये रह गया और मार्जिन 7.9 प्रतिशत तक सिमट गया।
ऑयल-टू-केमिकल बिजनेस की सालाना आय में शानदार बढ़ोतरी
ऑयल-टू-केमिकल बिजनेस की मुख्य आय सालाना आधार पर 17.2 प्रतिशत बढ़कर 17,010 करोड़ रुपये हो गई। बेहतर रिफाइनिंग मार्जिन और पेट्रोकेमिकल उत्पादों की मांग ने इस वृद्धि को सहारा दिया। टेलीकॉम बिजनेस, कंपनी की वृद्धि का प्रमुख इंजन बना रहा। जियो प्लेटफॉर्म्स का प्रॉफिट 15.1 प्रतिशत बढ़ा, जबकि कस्टमर बेस 53.3 करोड़ से ज्यादा हो गया। टेक इंवेस्टमेंट्स से रेवेन्यू में भी लगातार बढ़ोतरी हुई।
जियो प्लेटफॉर्म्स ने दर्ज किया 20,865 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड कर-पूर्व लाभ
जियो प्लेटफॉर्म्स ने 20,865 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड कर-पूर्व लाभ (Profit before tax) दर्ज किया, जो सालाना आधार पर 15.1 प्रतिशत ज्यादा है। EBITDA मार्जिन 1.50 प्रतिशत अंक बढ़कर 53.3 प्रतिशत हो गया। जून तिमाही में जियो प्लेटफॉर्म्स ने SEBI के पास मसौदा दस्तावेज दाखिल कर दिया है जो इसके संभावित आईपीओ की दिशा में एक बड़ा कदम है।
