अहमदाबाद (गुजरात)। अहमदाबाद के नारोल ट्रांसपोर्ट नगर स्थित एक ट्रांसपोर्ट कंपनी में कार्यरत चालक अर्जुन नाथ ने अपने साथ हुई कथित मारपीट, जबरन शराब पिलाने, नकदी छीनने और जान से मारने की कोशिश को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित ने नारोल पुलिस थाने में शिकायत देकर आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई तथा अपने परिवार की सुरक्षा की मांग की है। घटना के बाद से पीड़ित और उसका परिवार दहशत के माहौल में जीवन व्यतीत कर रहा है।
शिकायत के अनुसार, अर्जुन नाथ गोडाउन नंबर-15, ऋषभ रोडलाइंस, गेट नंबर-1, ट्रांसपोर्ट नगर, नारोल चार रास्ता स्थित कंपनी में वाहन चालक के रूप में कार्यरत हैं। उनका आरोप है कि 28 जुलाई 2026 की रात करीब 8 बजे कंपनी का काम पूरा कर वाहन खड़ा करने के बाद उन्हें कंपनी के ऊपरी तल पर बुलाया गया, जहां पहले से मौजूद अरुण कुमार, राकेश कुमार जैन, रामजीभाई, कदम, कमलेशभाई तथा एक अन्य व्यक्ति ने कथित रूप से उन्हें जबरन शराब पिलाई।
पीड़ित का आरोप है कि जब उन्होंने दूसरी शराब की बोतल मंगाने के लिए पैसे देने से इनकार किया तो आरोपियों ने उनके शर्ट की जेब से जबरन 900 रुपये निकाल लिए। इसके बाद कथित रूप से उनके हाथ और बाल पकड़कर लोहे की पाइप से बेरहमी से हमला किया गया। अर्जुन नाथ का कहना है कि उनके सिर पर लोहे की पाइप से वार किया गया, जिससे सिर फट गया और खून बहने लगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सभी आरोपियों ने मिलकर उनके साथ गंभीर मारपीट की।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि घायल अवस्था में किसी व्यक्ति ने उन्हें उनकी एक्टिवा पर बैठाकर उस स्थान पर पहुंचाया, जहां उनकी पत्नी सब्जी का व्यवसाय करती हैं। पत्नी ने उनकी हालत देखकर तत्काल 108 एम्बुलेंस को सूचना दी, जिसके बाद उन्हें एल.जी. अस्पताल ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई।
अर्जुन नाथ का आरोप है कि यदि वह किसी तरह वहां से निकल नहीं पाते तो आरोपियों द्वारा उनकी हत्या की जा सकती थी। उनका कहना है कि आरोपी दबंग प्रवृत्ति के हैं, शराब पीने के आदी हैं और प्रभावशाली होने के कारण उन्हें अपने तथा अपने परिवार की जान का खतरा बना हुआ है। उन्होंने पुलिस से आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, निष्पक्ष जांच और सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी अर्जुन नाथ ने नौकरी से हटाने की साजिश और मारपीट के आरोप लगाए थे। अब अहमदाबाद में दर्ज नई शिकायत के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। पीड़ित का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों और चिकित्सीय दस्तावेजों के आधार पर दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
नोट: यह समाचार पुलिस में दी गई शिकायत और पीड़ित द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपियों का पक्ष अभी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है। मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।
