गाजियाबाद/लोनी। गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र निवासी तथा दिल्ली में नौकरी करने वाले विकास कुमार ने अपनी पत्नी प्रीति, ससुराल पक्ष और राम भजन उर्फ भजन झा नामक व्यक्ति पर गंभीर आरोप लगाते हुए प्रशासन से न्याय और सुरक्षा की गुहार लगाई है। विकास का दावा है कि पिछले चार वर्षों से वह मानसिक प्रताड़ना, धमकियों और पारिवारिक विवादों का सामना कर रहे हैं। उनका आरोप है कि उन्हें न केवल अपनी पत्नी से अलग कर दिया गया, बल्कि अपने मासूम बेटे से मिलने तक नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
विकास कुमार के अनुसार उनकी शादी लगभग चार वर्ष पहले पूरे रीति-रिवाज और सामाजिक परंपराओं के साथ हुई थी। उनका कहना है कि विवाह के शुरुआती दिनों में सब कुछ सामान्य था, लेकिन करीब एक वर्ष बाद उनकी पत्नी प्रीति ने उनके माता-पिता के साथ रहने से इनकार कर दिया और अलग रहने का दबाव बनाने लगी। पत्नी की इच्छा का सम्मान करते हुए उन्होंने अपने माता-पिता का घर छोड़ दिया और दिल्ली के बपरोला स्थित प्रशांत एन्क्लेव, गली नंबर-21 में किराए के मकान में पत्नी के साथ रहने लगे।
विकास का दावा है कि उन्होंने अपनी पत्नी के कहने पर अपने माता-पिता से दूरी बना ली। इतना ही नहीं, भविष्य में किसी प्रकार का विवाद न हो, इसके लिए उन्होंने अपने माता-पिता की संपत्ति और जायदाद से स्वयं को अलग कर लिया तथा पिछले चार वर्षों से परिवार से बेदखल होकर अलग रह रहे हैं। उनका कहना है कि पत्नी की खुशी के लिए उन्होंने अपना परिवार और पैतृक अधिकार तक छोड़ दिए, लेकिन इसके बावजूद उन्हें मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा।
पीड़ित के अनुसार उन्होंने सुविधा के लिए पत्नी को मोबाइल फोन दिलाया था। इसके बाद वह घंटों विभिन्न लोगों से बातचीत करने लगीं। विकास का आरोप है कि जब उनकी मां ने सामान्य रूप से इस बारे में पूछा तो पत्नी ने इसे हस्तक्षेप बताते हुए विवाद खड़ा कर दिया, जिसके बाद पति-पत्नी के बीच तनाव लगातार बढ़ता गया।
विकास का आरोप है कि इसी दौरान राम भजन उर्फ भजन झा उनकी पत्नी के संपर्क में आया और दोनों के बीच लगातार बातचीत होने लगी। उन्होंने दावा किया कि जब उन्होंने इस पर आपत्ति जताई तो उन्हें गाली-गलौज, धमकियां और मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। उनका आरोप है कि धीरे-धीरे राम भजन उर्फ भजन झा ने उनकी वैवाहिक जिंदगी में हस्तक्षेप करना शुरू कर दिया और उनकी पत्नी तथा ससुराल पक्ष पर अपना प्रभाव बना लिया।
पीड़ित का कहना है कि कुछ समय बाद उनकी पत्नी ने एक पुत्र को जन्म दिया, लेकिन इस खुशी की सूचना उन्हें पत्नी या ससुराल पक्ष की ओर से नहीं दी गई। उनका दावा है कि बेटे के जन्म की जानकारी उन्हें स्वयं राम भजन उर्फ भजन झा ने फोन कर दी। विकास का कहना है कि उस समय उन्हें अंदाजा नहीं था कि आगे चलकर यही व्यक्ति उनके वैवाहिक जीवन के विवाद का प्रमुख कारण बन जाएगा।
विकास ने आरोप लगाया कि बेटे के जन्म के बाद उन्हें पत्नी और बच्चे से लगातार दूर रखा जाने लगा। उनका कहना है कि जब भी उन्होंने पत्नी या अपने बेटे से मिलने का प्रयास किया, उन्हें रोक दिया गया। इतना ही नहीं, उन्हें यह कहकर धमकाया गया कि यदि उन्होंने प्रीति को अपने साथ ले जाने या उससे मिलने की कोशिश की तो उन्हें बेटे से भी मिलने नहीं दिया जाएगा।
पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि राम भजन उर्फ भजन झा ने उनसे पांच लाख रुपये लेकर प्रीति को तलाक देने का प्रस्ताव रखा और कहा कि ऐसा करने पर पूरा मामला हमेशा के लिए समाप्त हो जाएगा। विकास का कहना है कि उन्होंने इस प्रस्ताव को तुरंत ठुकरा दिया क्योंकि वह बिना किसी वैध कारण के अपनी पत्नी और बेटे से अलग नहीं होना चाहते थे।
विकास का आरोप है कि तलाक से इनकार करने के बाद उनकी परेशानियां और बढ़ गईं। उन्होंने दावा किया कि राम भजन उर्फ भजन झा ने उनके किराए के फ्लैट पर ताला लगवा दिया और उन्हें वहां से निकाल दिया। उनका कहना है कि इसके बाद उन्हें लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया, गाली-गलौज की गई, मारपीट और जान से मारने की धमकियां दी गईं। उनका आरोप है कि पिछले चार वर्षों से वह भय और तनाव के माहौल में जीवन जी रहे हैं।
पीड़ित ने आशंका जताई है कि यदि प्रशासन ने समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया तो उनके साथ कोई बड़ी अप्रिय घटना हो सकती है। उनका कहना है कि उन्हें अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है और वह लगातार असुरक्षा की भावना में जी रहे हैं।
विकास कुमार ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कराई जाए, उन्हें उनकी पत्नी और बेटे से मिलने का कानूनी अधिकार दिलाया जाए, उनके द्वारा लगाए गए सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध उचित कानूनी कार्रवाई की जाए तथा उनकी और उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
