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Monday, August 17, 2026

स्वतंत्रता दिवस पर बच्चों को दिए कीड़े लगे हुए लड्डू, बीमार हुए मासूम, पिता ने शिकायत की तो पुलिस ने पीटा

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बड़े बच्चों ने सड़े हुए लड्डू खाने से मना कर दिया, लेकिन छोटे बच्चों ने लड्डू खा लिए और बीमार हो गए। घटना के बाद दो बच्चों का पिता थाने शिकायत लेकर पहुंचा तो पुलिस ने उसी के साथ मारपीट की।
मध्य प्रदेश के भिंड जिले में 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान बच्चों को सड़े हुए लड्डू दे दिए गए। इन्हें खाने से बच्चे बीमार हो गए। घटना एक सरकारी स्कूल की है। यहां भोजन के दौरान बच्चों को दिए गए सड़े लड्डू खाने से 5 बच्चे बीमार पड़ गए। कुछ को परिजन निजी अस्पताल लेकर गए। वहीं, एक ही परिवार के दो बच्चों को जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। बच्चों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
दरअसल 80वें स्वतंत्रता के अवसर पर सभी स्कूलों में कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान शासकीय स्कूलों में खास तौर पर विशेष भोजन की व्यवस्था की गई थी, जिसमें बच्चों को सब्जी, पूरी, खीर और मिष्ठान वितरण करना था। पावई थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मल्लपुरा गांव में स्थित माध्यमिक विद्यालय के छात्रों को मिठाई में सड़े हुए लड्डू वितरित कर दिए गए।
बच्चों ने फेंक दिए लड्डू
बच्चों ने जब देखा कि लड्डुओं पर फफूंद लगी हुई है और उनमें इल्लियां पड़ गई हैं तो बड़ी संख्या में छात्रों ने लड्डू फेंक दिए, लेकिन कुछ छोटे बच्चों ने लड्डू खा लिए। हालांकि, सभी बच्चों को लड्डू नहीं परोसी गए, लेकिन जिन बच्चों को परोसे गए, उनमें से ज्यादातर ने लड्डू फेंक दिए। कुछ छोटे बच्चों ने मिठाई मिलते ही जल्दबाजी में लड्डू खा लिए। लड्डू खाने के बाद कुछ बच्चों की हालत खराब हो गई और उन्हें उल्टियां होने लगीं। जिन्हें परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे
पुलिस ने पिता के साथ की मारपीट
दो बच्चों के मजदूर पिता अपने बच्चों को लेकर पावई थाना पहुंचे और बच्चों को इलाज दिलवाकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। लेकिन पीड़ित के मुताबिक पुलिसकर्मियों द्वारा उसके साथ अभद्रता और मारपीट की गई। पीड़ित पिता के अनुसार उसके साथ मारपीट करने के बाद उसे थाने में ही बैठा लिया गया। वहीं, अन्य परिजन बच्चों को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। बाद में पीड़ित पिता को भी थाने से छोड़ दिया गया।

पैसा देकर मामला दबाने की कोशिश
बच्चों की मां के अनुसार देर शाम उनके पास आशा कार्यकर्ता का कॉल आया और मामले को रफा दफा करने के लिए रुपयों का ऑफर दिया गया, लेकिन बच्चों की जान की कीमत पर उन्होंने रुपये लेने से इनकार कर दिया।
पीड़ित परिवार से मिली चाइल्ड वेलफेयर टीम
मामले की शिकायत चाइल्ड हेल्पलाइन पर भी की गई थी। इसके बाद चाइल्ड वेलफेयर टीम के पास मामला पहुंचने पर उन्होंने मामले का संज्ञान में लिया और पीड़ित परिवार से जिला अस्पताल में पहुंचकर मुलाकात की। बतौर चाइल्ड वेल्फेयर कमेटी अधिकारी मामले की शिकायत मिलने पर इसको गंभीरता से लेते हुए जांच की जा रही है। संबंधित विभागों से भी आवश्यक कार्रवाई के लिए कहा गया है।

 

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