17.4 C
Munich
Friday, September 11, 2026

‘हैवान’ में क्लाइमैक्स के बाद क्यों आए मोहनलाल? सैफ अली खान से है जुड़ा है उनका सीधा कनेक्शन

Must read

हैवान’ में मोहनलाल का खास कैमियो क्लाइमैक्स के बाद कहानी को ओरिजिनल ‘ओपम’ से जोड़ता है। दृष्टिहीन किरदार में उनकी एंट्री सैफ अली खान के साथ फिल्म का यादगार और भावुक पल बनती है।
प्रियदर्शन की फिल्म ‘हैवान’ 11 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। फिल्म में सैफ अली खान और अक्षय कुमार मुख्य भूमिकाओं में हैं। सैफ जहां दृष्टिहीन श्याम राणे का किरदार निभा रहे हैं, वहीं अक्षय कुमार फिल्म में परशुराम नाम के खतरनाक विलेन के रोल में नजर आए हैं। फिल्म की कहानी सस्पेंस, थ्रिल और एक्शन से भरपूर है और क्लाइमैक्स में कहानी एक अहम मोड़ लेती है। हालांकि फिल्म के आखिरी हिस्से में एक ऐसा सरप्राइज भी मिलता है, जिसका इंतजार खास तौर पर मोहनलाल के फैंस को था।

क्लाइमैक्स से पहले हुई मोहनलाल की एंट्री
फिल्म के अंत में अचानक मोहनलाल की एंट्री होती है। वह काला चश्मा लगाए और हाथ में ब्लाइंड स्टिक लिए नजर आते हैं। उनकी यह झलक इसलिए भी खास है, क्योंकि फिल्म की कहानी में दृष्टिहीनता एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यही वजह है कि मोहनलाल की एंट्री के साथ दर्शकों के मन में सबसे बड़ा सवाल उठता है कि आखिर वह फिल्म में कौन सा किरदार निभा रहे हैं? इसका जवाब फिल्म के बिल्कुल आखिरी दृश्य में मिलता है। मोहनलाल भी सैफ अली खान की तरह दृष्टिहीन व्यक्ति के किरदार में दिखाई देते हैं। क्लाइमैक्स के बाद उन्हें सैफ और एक बच्ची के साथ सड़क किनारे खड़े देखा जाता है। यहां फिल्म का एक छोटा लेकिन यादगार सीन सामने आता है।

बच्ची ने मोहनलाल से पूछा- क्या आप भी नहीं देख सकते?
इस सीन में बच्ची मोहनलाल से पूछती है कि क्या वह भी देख नहीं सकते। इसके बाद मोहनलाल अपना चश्मा उतारते हैं और उससे सवाल करते हैं कि और कौन नहीं देख सकता। इस पर सैफ अली खान जवाब देते हैं कि वह भी नहीं देख सकते। इसी बीच ट्रैफिक सिग्नल बदल जाता है। रेड लाइट खुलने के बाद बच्ची दोनों दृष्टिहीन किरदारों की छड़ी पकड़कर उन्हें सड़क पार कराती है। इस छोटे से दृश्य में सैफ और मोहनलाल के किरदारों को एक साथ देखना फैंस के लिए खास पल बन जाता है। फिल्म में मोहनलाल का रोल लंबा नहीं है, लेकिन उनका कैमियो कहानी के मूल से सीधे जुड़ा हुआ है।

‘ओपम’ में मोहनलाल थे लीड हीरो
मोहनलाल की इस खास मौजूदगी का कनेक्शन फिल्म की मूल मलयालम फिल्म ‘ओपम’ से है। प्रियदर्शन ने 2016 में ‘ओपम’ का निर्देशन किया था और उसमें मोहनलाल ने मुख्य भूमिका निभाई थी। फिल्म में उन्होंने जयारामन नाम के दृष्टिहीन केयरटेकर का किरदार निभाया था, जो एक हत्या के मामले में मुख्य संदिग्ध बन जाता है। ‘हैवान’ में सैफ अली खान का श्याम राणे वाला किरदार इसी मूल भूमिका का हिंदी रूपांतरण है। हालांकि, हिंदी वर्जन में मोहनलाल को लीड रोल देने के बजाय प्रियदर्शन ने उन्हें एक खास कैमियो के जरिए कहानी से जोड़ा है।

प्रियदर्शन ने बताया था मोहनलाल को कैमियो के लिए कैसे मनाया?
मोहनलाल के कैमियो को लेकर प्रियदर्शन पहले ही संकेत दे चुके थे। एक इंटरव्यू में निर्देशक ने बताया था कि जब उन्होंने मोहनलाल से पूछा कि क्या वह इस भूमिका को निभाएंगे, तो अभिनेता को पहले यकीन नहीं हुआ। प्रियदर्शन के मुताबिक, मोहनलाल ने उनसे सवाल किया था कि वह मूल फिल्म के हीरो थे और अब उनसे क्या करवाया जा रहा है। हालांकि जब मोहनलाल ने पूरी बात सुनी तो उन्होंने तुरंत हामी भर दी। प्रियदर्शन ने बताया कि अभिनेता ने आखिरकार सिर्फ इतना कहा कि वह यह भूमिका करेंगे। फिल्म को लेकर इंडिया टीवी ने रिव्यू में 3 रेटिंग दी है, कुछ खामियों के बाद भी फिल्म देखने योग्य है।

मोहनलाल का कैमियो क्यों है खास?
‘हैवान’ में मोहनलाल की मौजूदगी सिर्फ फैंस के लिए एक सरप्राइज नहीं है, बल्कि यह फिल्म और उसके मलयालम ओरिजिनल के बीच एक दिलचस्प कनेक्शन भी बनाती है। जहां ‘ओपम’ में मोहनलाल ने कहानी को अपने कंधों पर आगे बढ़ाया था, वहीं ‘हैवान’ में वही दृष्टिहीन किरदार सैफ अली खान निभा रहे हैं। ऐसे में क्लाइमैक्स के बाद मोहनलाल और सैफ को एक साथ देखना फिल्म के फैंस के लिए एक तरह का पासिंग-द-बैटन मोमेंट भी महसूस होता है। भले ही मोहनलाल का कैमियो कुछ मिनटों का हो, लेकिन फिल्म खत्म होने के बाद यह दृश्य लंबे समय तक याद रहने वाला है।

- Advertisement -spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

Latest article