इस पूरे मामले पर चर्चा के लिए गृह मंत्रालय ने मंगलवार को संबंधित हितधारकों की बैठक बुलाई है।
नागर विमानन मंत्रालय ने इमिग्रेशन प्रोसेस में चूक के मामले में एयर इंडिया को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इस लापरवाही की वजह से इटली के 3 यात्री दिल्ली एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन प्रोसेस पूरा किए बिना ही कनेक्टिंग फ्लाइट लेकर जर्मनी के शहर म्यूनिख पहुंच गए थे। सूत्रों ने सोमवार को ये जानकारी दी। इस मामले पर चर्चा के लिए गृह मंत्रालय ने मंगलवार को संबंधित हितधारकों की बैठक बुलाई।
4 सितंबर को अमृतसर से दिल्ली आए थे इटली के यात्री
सूत्रों के मुताबिक, इटली के तीनों यात्री 4 सितंबर को अमृतसर से दिल्ली पहुंचे थे और इसके बाद दिल्ली से म्यूनिख जाने वाली लुफ्थांसा की फ्लाइट में सवार हो गए। हालांकि, उन्होंने दिल्ली एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन प्रोसेस पूरा नहीं किया था। एयर इंडिया की तरफ से इस घटना पर कोई टिप्पणी नहीं आई है। सूत्रों ने बताया कि नागर विमानन मंत्रालय ने कथित प्रक्रियागत चूक पर एयर इंडिया के सीईओ कैंपबेल विल्सन से स्पष्टीकरण मांगा है।
गृह सचिव गोविंद मोहन करेंगे बैठक की अध्यक्षता
इस पूरे मामले में गृह सचिव गोविंद मोहन मंगलवार को होने वाली बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक में नागर विमानन मंत्रालय के सचिव और अतिरिक्त सचिव, खुफिया ब्यूरो के निदेशक, गृह मंत्रालय में केंद्र शासित प्रदेश एवं विदेशी नागरिक प्रभाग के अतिरिक्त सचिव, इमिग्रेशन ब्यूरो के कमिश्नर, एयर इंडिया के सीईओ और दिल्ली एयरपोर्ट के सीईओ के शामिल होने की उम्मीद है।
एयर इंडिया ने अमृतसर में ‘हब-एंड-स्पोक’ मॉडल के तहत शुरू कीं फ्लाइट्स
बताते चलें कि एयर इंडिया ने अमृतसर समेत कुछ एयरपोर्ट से ‘हब-एंड-स्पोक’ मॉडल के तहत फ्लाइट्स शुरू की हैं। इस सिस्टम में यात्री स्पोक एयरपोर्ट पर ही इमिग्रेशन की प्रक्रिया पूरी कर लेते हैं और हब एयरपोर्ट पर सिर्फ सुरक्षा जांच के बाद इंटरनेशनल फ्लाइट में सवार होते हैं। ऐसे में, अमृतसर से दिल्ली होकर किसी दूसरे देश की यात्रा में अमृतसर ‘स्पोक’ और दिल्ली ‘हब’ होगा।
यात्रियों को दिल्ली में पूरी करनी थी इमिग्रेशन की प्रक्रिया
हालांकि, सूत्रों ने कहा कि इटली के तीनों यात्रियों की अमृतसर-दिल्ली और दिल्ली-म्यूनिख फ्लाइट एयर इंडिया के ‘हब-एंड-स्पोक’ मॉडल के तहत नहीं थीं। उन्हें अमृतसर एयरपोर्ट पर दिल्ली के साथ-साथ म्यूनिख की लुफ्थांसा फ्लाइट के लिए भी बोर्डिंग पास जारी किए गए थे। ऐसे में दिल्ली पहुंचने के बाद उन्हें अराइवल एरिया से बाहर निकलकर इमिग्रेशन की प्रक्रिया पूरी करनी थी और इसके बाद लुफ्थांसा की फ्लाइट लेनी थी।
एयर इंडिया ने लुफ्थांसा के साथ की है इंटरलाइन पार्टनरशिप
लेकिन दिल्ली एयरपोर्ट पर उन्हें इंटरनेशनल ट्रांसफर एरिया में ले जाया गया। जिसके कारण वे इमिग्रेशन काउंटर तक नहीं पहुंचे और इमिग्रेशन की प्रक्रिया पूरी किए बिना ही म्यूनिख की फ्लाइट में सवार हो गए। एयर इंडिया और लुफ्थांसा के बीच इंटरलाइन पार्टनरशिप है। इस समझौते के तहत यात्री एक ही प्रोग्राम के तहत अलग-अलग एयरलाइन की कनेक्टिंग फ्लाइट से यात्रा कर सकते हैं।
