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Tuesday, September 22, 2026

5 बिस्वा जमीन पर कब्जे का आरोप, 3 बिस्वा पर बना लिया मकान; बाकी जमीन से जबरन रास्ता निकालने की शिकायत, पीड़ित बोला बंदूक दिखाकर धमकाता है आरोपी

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गाजीपुर। जमानियां थाना क्षेत्र के बेटाबर गांव में जमीन के हिस्से को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। गांव निवासी रामनरेश यादव ने आरोप लगाया है कि उनके हिस्से की करीब 5 बिस्वा जमीन पर विपक्षी पक्ष जबरन कब्जा करने का प्रयास कर रहा है। शिकायतकर्ता का दावा है कि करीब 3 बिस्वा जमीन पर कब्जा कर लिया गया है, जबकि बची हुई जमीन में से भी रास्ता निकालने की कोशिश की जा रही है। मामले को लेकर पीड़ित ने प्रशासन और पुलिस से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।

रामनरेश यादव के अनुसार, जमीन उनके परिवार के हिस्से में आती है। उन्होंने राजस्व अभिलेखों का हवाला देते हुए बताया कि उनके पिता फतेहनारायण यादव की मृत्यु के बाद उनके वारिसों के नाम राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज किए गए थे। दस्तावेज में रामनरेश यादव, विजय, विजेंद्र और लालमुनी देवी के नाम वारिस के रूप में दर्ज होने का उल्लेख है।

पीड़ित का आरोप है कि विपक्षी प्रहलाद यादव और उनके बेटे सुदामा यादव द्वारा उनकी जमीन पर कब्जा किया जा रहा है। शिकायतकर्ता का कहना है कि जमीन की तीन दिशाओं में कब्जा कर लिया गया है और शेष करीब दो बिस्वा हिस्से से जबरन रास्ता निकालने का प्रयास किया जा रहा है। उनका आरोप है कि इस संबंध में विरोध करने पर विवाद और तनाव की स्थिति पैदा हो रही है।

रामनरेश यादव ने आरोप लगाया कि विपक्षी पक्ष का बेटा सुदामा यादव कथित तौर पर बंदूक दिखाकर धमकाता है और गाली-गलौज करता है। शिकायतकर्ता के अनुसार, उसे कथित तौर पर यह कहते हुए धमकी दी जाती है कि जो करना है कर लो। पीड़ित का दावा है कि पिछले तीन-चार दिनों से विवाद और दबाव लगातार बढ़ा हुआ है।

शिकायतकर्ता का यह भी कहना है कि उन्होंने मामले की जानकारी पुलिस और प्रशासन को दी है। उन्होंने 1076 हेल्पलाइन पर भी शिकायत करने का दावा किया है। इसके अलावा जमानियां थाने में आवेदन देने की बात कही गई है। पीड़ित का आरोप है कि शिकायत के बावजूद अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।

एक अन्य आरोप में रामनरेश यादव ने बताया कि उनके हिस्से की जमीन पर एक अन्य व्यक्ति मुसाफिर पुत्र रामविलास द्वारा कथित रूप से कब्जा कर मकान का निर्माण कर लिया गया है। उनका कहना है कि लंबे समय से जमीन संबंधी विवादों के कारण परिवार परेशान है और उन्हें अपने हिस्से की जमीन पर कब्जे को लेकर न्याय नहीं मिल पा रहा है।

बोरिंग को लेकर भी सामने आया जमीन विवाद

इसी परिवार से जुड़े एक अन्य आवेदन में खेत की सिंचाई के लिए बोरिंग कराने को लेकर विवाद का उल्लेख किया गया है। आवेदन में कहा गया है कि परिवार के पांच भाइयों के बीच करीब 27 वर्ष पहले आपसी बंटवारा हो चुका है, लेकिन राजस्व कागजात में जमीन का अलग-अलग विभाजन नहीं हुआ है। आवेदकों का कहना है कि वे अपने हिस्से के खेत में सिंचाई के लिए बोरिंग करा रहे थे, तभी परिवार के दूसरे पक्ष के लोगों ने कथित रूप से बोरिंग का काम रुकवा दिया।

आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि दूसरे पक्ष ने अपने खेत के पास पहले से बोरिंग करा रखी है, लेकिन आवेदकों को सिंचाई के लिए पानी नहीं दिया जाता। इसके कारण खेत में फसल की सिंचाई प्रभावित हो रही है और परिवार की आजीविका पर असर पड़ने की बात कही गई है। आवेदकों ने प्रशासन से अपने हिस्से में बोरिंग कराने की अनुमति और सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।

महिला ने भी पुलिस से कार्रवाई की मांग की

मामले से जुड़े एक अन्य आवेदन में शीला देवी पत्नी रामनरेश सिंह यादव ने भी पुलिस से शिकायत की है। आवेदन के अनुसार, वह बेटाबर गांव की निवासी हैं और उनके पति रोजगार के सिलसिले में नेपाल में रहते हैं। परिवार की आजीविका खेती पर निर्भर होने की बात आवेदन में कही गई है।

शीला देवी ने आरोप लगाया कि खेत में सिंचाई के लिए बोरिंग का काम कराया जा रहा था, तभी विपक्षी पक्ष के लोग मौके पर पहुंचे और कथित रूप से गाली-गलौज करते हुए काम रुकवा दिया। शिकायत में 112 पुलिस को सूचना देने का भी उल्लेख है। महिला का आरोप है कि पुलिस के मौके पर पहुंचने के बाद भी बाद में रास्ते में उसके साथ फिर से गाली-गलौज और मारपीट की धमकी दी गई।

महिला ने अपने आवेदन में विपक्षी पक्ष के खिलाफ पहले से कई मुकदमे होने का भी आरोप लगाया है। उसने थाना प्रभारी और क्षेत्राधिकारी से मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

राजस्व रिकॉर्ड में वारिसों के नाम दर्ज होने का दावा

प्रस्तुत खतौनी के विवरण में ग्राम बेटाबर, तहसील जमानियां, जनपद गाजीपुर की भूमि का उल्लेख है। दस्तावेज में फतेहनारायण समेत कई खातेदारों और बाद के नामांतरण आदेशों का विवरण दर्ज है। पूर्व आदेश में फतेहनारायण के निधन के बाद उनके वारिसों के नाम दर्ज किए जाने का उल्लेख है। हालांकि, जमीन पर वर्तमान कब्जे और रास्ता निकालने के आरोपों का अंतिम निर्धारण राजस्व अथवा न्यायिक प्रक्रिया से ही होगा।

पीड़ित ने प्रशासन से लगाई न्याय की गुहार

रामनरेश यादव का कहना है कि वह विवाद बढ़ाना नहीं चाहते, बल्कि अपने हिस्से की जमीन पर वैधानिक अधिकार और सुरक्षित कब्जा चाहते हैं। उन्होंने प्रशासन से मौके की जांच, राजस्व अभिलेखों के आधार पर सीमांकन तथा कथित अवैध कब्जे को हटाने की कार्रवाई की मांग की है। साथ ही धमकी और गाली-गलौज के आरोपों की जांच कर सुरक्षा और कानूनी कार्रवाई की मांग भी की गई है।

फिलहाल शिकायतों में लगाए गए कब्जे, धमकी, गाली-गलौज और बोरिंग रुकवाने के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। विपक्षी पक्ष का बयान भी सामने नहीं आया है। पुलिस और राजस्व विभाग की जांच तथा मौके के सीमांकन के बाद ही जमीन के वास्तविक स्वामित्व, कब्जे और रास्ते से जुड़े विवाद की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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