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Thursday, September 24, 2026

शेयर बाजार खुलते ही हुआ क्रैश, सेंसेक्स में 600 तो निफ्टी में 215 अंकों की बड़ी गिरावट; 5% से ज्यादा टूटा बजाज फाइनेंस

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कमजोर ग्लोबल संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत गुरुवार को भारी गिरावट के साथ हुई। सेंसेक्स खुलते ही 600 अंक से ज्यादा टूट गया, जबकि Nifty भी करीब 215 अंक फिसलकर 23,250 के नीचे आ गया।
कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत काफी निराशाजनक रही। पिछले दिन की तेजी के बाद आज बाजार खुलते ही निवेशकों की बिकवाली का भारी दबाव देखने को मिला। शेयर बाजार खुलने के साथ ही मुख्य सूचकांक लाल निशान में गहरे गोते लगाने लगे। सेंसेक्स जहां करीब 600 अंक नीचे गिर गया, वहीं निफ्टी भी 215 से ज्यादा अंकों की भारी गिरावट के साथ 23,250 के स्तर से नीचे फिसल गया।
कारोबार की शुरुआत में ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 613.95 अंक की बड़ी गिरावट के साथ 74,214.30 के स्तर पर खुला। दूसरी तरफ, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 भी 215.90 अंक टूटकर 23,230.90 पर आ गया। बाजार में बिकवाली का आलम यह रहा कि सुबह के सत्र में केवल 806 शेयरों में तेजी देखी गई, जबकि 1,591 शेयर लाल निशान में कारोबार कर रहे थे और 173 शेयरों के दामों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

बजाज फाइनेंस 5% से ज्यादा टूटा
सेंसेक्स हीटमैप के आंकड़ों के मुताबिक, आज बाजार को नीचे खींचने में बैंकिंग और फाइनेंस सेक्टर के दिग्गजों का बड़ा हाथ रहा। बजाज फाइनेंस का शेयर 5.13% की भारी गिरावट के साथ ₹986.70 पर आ गया। वहीं, एक्सिस बैंक 3.50% टूटकर ₹1,201.00 पर कारोबार करने लगा और बजाज फिनसर्व 3.35% गिरकर ₹1,784.15 पर पहुंच गया। इंडिगो और कोटक महिंद्रा बैंक में भी क्रमश: 1.89% और 1.45% की गिरावट आई। इसके अलावा एचडीएफसी लाइफ और एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस के शेयरों में भी भारी मंदी दर्ज की गई।

गिरावट के दौर में भी इन शेयरों ने दिखाई हिम्मत
बाजार में चौतरफा बिकवाली के माहौल के बीच केवल कुछ ही शेयर हरे निशान में टिके रह सके। टेक महिंद्रा 0.92% की मजबूती के साथ ₹1,569.30 पर ट्रेड करता नजर आया, जबकि सन फार्मा 0.29% चढ़कर ₹1,870.35 पर पहुंच गया।

क्यों गिरा आज बाजार?
बताया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में रही सुस्ती और वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता के चलते निवेशकों ने आज मुनाफावसूली करना बेहतर समझा। विशेष रूप से बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों पर बिकवाली का अत्यधिक दबाव रहा, जिसने पूरे भारतीय बाजार को गहरे लाल निशान में धकेल दिया।

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