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Thursday, September 24, 2026

भारतीय कोस्ट गार्ड ने समुद्र में फंसे बांग्लादेशी को बचाया, सिर और रीढ़ की हड्डी में लगी थी गंभीर चोट

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भारतीय तटरक्षक बल ने खराब मौसम और ऊंची लहरों के बीच जहाज पर घायल 36 वर्षीय बांग्लादेशी नाविक का रेस्क्यू किया। गंभीर सिर और रीढ़ की चोट के बाद उसे डिगलीपुर से श्री विजयपुरम पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज किया गया।
खराब मौसम में रात के वक्त ICG ने 36 वर्षीय बांग्लादेशी नाविक को सुरक्षित बचाया।
सिर और रीढ़ की चोट के बाद नाविक को विमान से श्री विजयपुरम पहुंचाया गया।
गुजरात में भी ICG ने टक्कर के बाद 24 में से 21 क्रू सदस्यों को बचाया था।
पोर्ट ब्लेयर: अंडमान-निकोबार के नॉर्थ अंडमान में डिगलीपुर तट के पास भारतीय तटरक्षक बल यानी कि ICG ने समुद्र में जहाज पर फंसे और गंभीर रूप से घायल एक बांग्लादेशी नाविक की जान बचाई। 36 साल का यह नाविक बल्क कैरियर एमवी एमरिस पर सवार था और जहाज पर गिरने की वजह से उसके सिर और रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोटें आई थीं। भारतीय तटरक्षक बल ने खराब मौसम और ऊंची लहरों के बीच रात में स्पेशल मेडिकल इवैक्यूएशन ऑपरेशन चलाकर उसे सुरक्षित बाहर निकाला। बता दें कि कुछ महीने पहले भीषण समुद्र में मछली पकड़ने वाली नाव में फंसे मछुआरों की भी कोस्ट गार्ड ने जान बचाई थी।
रेस्क्यू मिशन के लिए भेजा गया था ICGS राजदूत
भारतीय तटरक्षक बल के मुताबिक, यह घटना 20 और 21 सितंबर की दरमियानी रात हुई। डिगलीपुर के पास समुद्र में मौजूद MV AMRIS से एक क्रू मेंबर के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना मिली थी। यह जानकारी मैरीटाइम रेस्क्यू कोऑर्डिनेशन सेंटर (MRCC), श्री विजयपुरम से भारतीय तटरक्षक बल को मिली। सूचना मिलते ही ICG ने तेजी से कार्रवाई शुरू की। ICGS राजदूत को रेस्क्यू मिशन के लिए भेजा गया। समुद्र में उस समय स्थिति आसान नहीं थी।
खराब मौसम के बीच नाविक को किया गया रेस्क्यू
तेज लहरों और खराब मौसम के बीच तटरक्षक पोत ने रात में ऑपरेशन चलाया और घायल नाविक को जहाज से सुरक्षित बाहर निकाला। भारतीय तटरक्षक बल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि डिगलीपुर के पास रात में चलाए गए इस मेडिकल इवैक्यूएशन ऑपरेशन में ICGS राजदूत ने चुनौतीपूर्ण समुद्री परिस्थितियों के बावजूद 36 वर्षीय बांग्लादेशी क्रू मेंबर को सुरक्षित अपने पोत पर पहुंचाया। वह एमवी एमरिस पर काम करता था और जहाज पर गिरने के बाद उसके सिर और रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोटें आई थीं।

पहले डिगलीपुर, फिर श्री विजयपुरम पहुंचाया
रेस्क्यू के बाद घायल नाविक को सबसे पहले डिगलीपुर हार्बर ले जाया गया। इसके बाद उसकी हालत को देखते हुए उसे आगे के इलाज के लिए भारतीय नौसेना के एक विमान से श्री विजयपुरम पहुंचाया गया। नाविक को श्री विजयपुरम स्थित जीबी पंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां तुरंत उसका जरूरी इलाज किया गया। भारतीय तटरक्षक बल ने अपने बयान में कहा कि अंधेरे और खराब समुद्री परिस्थितियों के बावजूद तटरक्षक बल, भारतीय नौसेना और अन्य संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल से समुद्र में एक और जान बचाई जा सकी।

गुजरात में भी 21 लोगों को किया गया था रेस्क्यू
भारतीय तटरक्षक बल ने इससे पहले 12 सितंबर को गुजरात में भी एक बड़े समुद्री रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया था। डिफेंस PRO चेन्नई के मुताबिक, गुजरात में कांडला के OTB (ऑफशोर टर्मिनल बर्थ) के पास 2 मर्चेंट जहाजों एमवी केमैक्स एम्परर और एमवी ट्रू मैरिनर के बीच टक्कर हो गई थी। टक्कर के बाद भारतीय तटरक्षक बल ने तुरंत बचाव अभियान शुरू किया और MV KMAX EMPEROR पर सवार 24 क्रू मेंबर्स में से 21 को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हालांकि, जहाज के संचालन से जुड़े जरूरी कामों को संभालने के लिए 3 क्रू मेंबर्स को जहाज पर ही रहने दिया गया था।

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