मुरलीगंज। मधेपुरा जिले के मुरलीगंज स्थित श्री बलदेव लक्ष्मी इंटर स्तरीय विद्यालय से छात्रा के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। छात्रा की मां मनीषा कुमारी ने स्कूल की प्राचार्य कविता नंदिनी और दुर्गा सर पर उनकी बेटी रेशम कुमारी के साथ मारपीट करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। मां का कहना है कि बेटी ने स्कूल में गलती से रील बना ली थी और इसके लिए उसने माफी भी मांग ली थी, इसके बावजूद उसे कथित तौर पर कमरे के अंदर ले जाकर बाल पकड़कर पीटा गया। परिवार का आरोप है कि बाद में छात्रा को स्कूल से निकाल दिया गया और उसका स्थानांतरण प्रमाण-पत्र भी जारी कर दिया गया।
मां के अनुसार रेशम कुमारी, पिता मंटू पासवान की पुत्री है और ग्राम पकिलपार, थाना मुरलीगंज, जिला मधेपुरा की रहने वाली है। विद्यालय के स्थानान्तरण प्रमाण-पत्र में छात्रा की जन्मतिथि 12 मई 2012 दर्ज है। प्रमाण-पत्र के अनुसार उसने 30 अप्रैल 2026 को विद्यालय में प्रवेश लिया था और 23 सितंबर 2026 को विद्यालय छोड़ा। टीसी में उसका अध्ययन वर्ग 8वीं दर्ज है, जबकि परिजनों का कहना है कि वह 9वीं कक्षा में पढ़ रही थी। प्रमाण-पत्र में विद्यालय छोड़ने का कारण रोल्स बनाने के कारण बताया गया है।
पीड़ित छात्रा की मां का आरोप है कि रेशम ने स्कूल में गलती से रील बना ली थी। इस बात को लेकर छात्रा ने कथित तौर पर स्कूल प्रबंधन से माफी भी मांगी थी। इसके बावजूद मां का दावा है कि प्राचार्य कविता नंदिनी और दुर्गा सर ने छात्रा को कमरे के अंदर बुलाया और उसके साथ मारपीट की। आरोप है कि छात्रा के बाल पकड़कर उसे पीटा गया। परिवार का यह भी दावा है कि छात्रा के बाल बांधकर उसे कुर्सी पर बैठाया गया और उसके साथ मारपीट की गई।
परिवार के अनुसार घटना के बाद से रेशम की तबीयत खराब है। मां का कहना है कि छात्रा ने अगले दिन से ठीक से खाना भी नहीं खाया है और वह काफी कमजोर महसूस कर रही है। परिवार का दावा है कि मारपीट के दौरान बाल खींचे जाने तथा कथित तौर पर कुर्सी से बांधे जाने के कारण उसके सिर और पेट में दर्द हो रहा है। परिजन छात्रा की स्थिति को लेकर चिंतित हैं और मामले में उचित चिकित्सकीय जांच तथा कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
परिवार का कहना है कि छात्रा के साथ स्कूल में हुई घटना के बाद उसे पढ़ाई जारी रखने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मां ने विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि एक गलती के लिए बच्ची ने माफी मांग ली थी, लेकिन इसके बावजूद उसके साथ कथित रूप से मारपीट करना और फिर स्कूल से निकाल देना गंभीर विषय है।
वहीं विद्यालय द्वारा जारी स्थानांतरण प्रमाण-पत्र में छात्रा का आचरण यथोचित बताया गया है और विद्यालय छोड़ने की तिथि 23 सितंबर 2026 दर्ज है। प्रमाण-पत्र में विद्यालय के प्रधानाध्यापक के हस्ताक्षर और विद्यालय की मुहर का उल्लेख है। छात्रा की मां द्वारा लगाए गए मारपीट के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और विद्यालय प्रबंधन या संबंधित शिक्षकों का पक्ष सामने आना बाकी है।
पीड़ित परिवार ने प्रशासन और शिक्षा विभाग से पूरे मामले की जांच कराने, छात्रा की चिकित्सकीय स्थिति का परीक्षण कराने तथा यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है। परिवार का कहना है कि बच्ची की पढ़ाई और सुरक्षा दोनों प्रभावित हुई हैं, इसलिए मामले में समय रहते निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई जरूरी है।
