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Monday, September 28, 2026

सीधी में जमीन विवाद ने पकड़ा तूल: सैनिक की जमीन पर मकान निर्माण का आरोप, सीमांकन के आदेश के बावजूद काम जारी रखने का दावा

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सीधी। जिले की सिहावल तहसील के बेलगांव गांव हल्का कूदौरा में निजी जमीन पर कथित कब्जे और मकान निर्माण को लेकर विवाद सामने आया है। ग्राम बेलगांव निवासी और भारतीय सेना में कार्यरत संतोष कुमार पटेल ने आरोप लगाया है कि उनकी जमीन खसरा नंबर 129/1/1/1 और 129/1/1/2 पर भोला प्रसाद पटेल द्वारा जबरन कब्जा कर मकान का निर्माण कराया जा रहा है। संतोष का कहना है कि वह सेना में सेवा देने के कारण अधिकांश समय ड्यूटी पर बाहर रहते हैं और सीमित छुट्टियों में ही गांव पहुंच पाते हैं। इसी स्थिति का फायदा उठाकर उनकी जमीन पर लगातार निर्माण कराया जा रहा है।

संतोष पटेल के अनुसार, उनकी जमीन पर पहले जाली लगाकर घेराबंदी की गई थी। उनका आरोप है कि भोला प्रसाद पटेल, उजागिर प्रसाद पटेल और उनकी बहन सोनिया पटेल द्वारा कथित तौर पर रात के समय जाली क्षतिग्रस्त कर दी गई और इसके बाद जमीन पर मकान निर्माण शुरू कर दिया गया। संतोष का दावा है कि पिछले दिनों करीब 20 मजदूर लगाकर तेजी से निर्माण कराया गया और दीवार खड़ी करने के साथ मकान की छत डालने की तैयारी की जा रही है।

संतोष पटेल ने बताया कि उन्होंने निर्माण कार्य रोकने के लिए संबंधित अधिकारियों और पुलिस से शिकायत की, लेकिन तत्काल कार्रवाई नहीं होने का आरोप है। उनका कहना है कि वह थाना अमिलिया में शिकायत लेकर पहुंचे, लेकिन उनकी शिकायत पर एफआईआर दर्ज नहीं की गई। इसके बाद उन्होंने तहसील और एसडीएम स्तर पर भी आवेदन देकर जमीन का सीमांकन कराने तथा विवादित भूमि पर निर्माण कार्य रुकवाने की मांग की। पीड़ित संतोष पटेल का कहना है कि नायब तहसीलदार विनोद पांडे पटवारी राजेश द्विवेदी और टीआई राजेश हैमिलिया यह सभी लोग विपक्षी लोगों के साथ मिले हैं और पैसे के साथ घाट से पीड़ित संतोष पाटिल की कहीं भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है

मामले में 31 अगस्त 2026 को संतोष कुमार पटेल द्वारा सीधी कलेक्टर को दिए गए आवेदन में भी यही शिकायत दर्ज कराई गई है। आवेदन में उन्होंने आरोप लगाया है कि उनकी कब्जे वाली भूमि पर लगी जाली को क्षतिग्रस्त कर जबरन मकान निर्माण किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने निर्माण रुकवाने और संबंधित भूमि का सीमांकन कराने के लिए राजस्व टीम गठित करने की मांग की थी।

इस मामले में तहसील सिहावल के नायब तहसीलदार कार्यालय से 3 सितंबर 2026 को जारी आदेश महत्वपूर्ण है। आदेश क्रमांक 883/प्रवा0/2026 में ग्राम बेलगांव की विभिन्न आराजियों के सीमांकन के लिए राजस्व निरीक्षक अमिलिया तथा संबंधित हल्का पटवारियों की संयुक्त टीम गठित की गई है। आदेश में टीम को मौके पर जाकर दोनों पक्षों को सूचना देकर विधिवत सीमांकन और पैमाइश करने तथा सीमांकन रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

राजस्व कार्यालय के आदेश में थाना प्रभारी अमिलिया को भी आवश्यक पुलिस बल उपलब्ध कराने के लिए सूचित किया गया है। संबंधित पटवारी को राजस्व निरीक्षक से संपर्क कर निर्धारित दिन मौके पर अभिलेखों के साथ उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। इससे स्पष्ट है कि विवादित भूमि के सीमांकन की प्रक्रिया को लेकर राजस्व स्तर पर आधिकारिक कार्रवाई के निर्देश जारी किए जा चुके हैं।

संतोष पटेल का आरोप है कि सीमांकन और शिकायतों की प्रक्रिया चलने के बावजूद दूसरी ओर से निर्माण कार्य तेजी से जारी रखा जा रहा है। उनका कहना है कि कई बार मौके पर काम रोकने के लिए कहा गया, लेकिन कथित रूप से रात में भी मजदूर लगाकर निर्माण कराया जाता है। संतोष का यह भी आरोप है कि उन्हें धमकी दी जा रही है और कहा जा रहा है कि जहां शिकायत करनी है कर लें, कोई उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकता।

संतोष ने बताया कि उन्होंने करीब चार महीने पहले जमीन खरीदी थी। उनके अनुसार, भोला प्रसाद पटेल ने भी आसपास जमीन खरीदी थी, लेकिन संबंधित भूमि को लेकर उनके परिवार में विवाद होने के बाद अब उनकी जमीन पर कब्जे की कोशिश की जा रही है। हालांकि जमीन के वास्तविक स्वामित्व, सीमाओं और कब्जे की स्थिति का अंतिम निर्धारण राजस्व विभाग द्वारा अभिलेखों के आधार पर सीमांकन के बाद ही स्पष्ट होगा।

सैनिक संतोष पटेल ने प्रशासन से मांग की है कि राजस्व अभिलेखों के आधार पर विवादित जमीन का तत्काल सीमांकन कराया जाए और सीमांकन पूरा होने तक विवादित भूमि पर किसी भी प्रकार के निर्माण को रोका जाए। उनका कहना है कि वह देश की सेवा में तैनात हैं और बार-बार छुट्टी लेकर स्थानीय अधिकारियों के चक्कर लगाना उनके लिए मुश्किल है। ऐसे में प्रशासन समय रहते मौके की जांच कर निष्पक्ष कार्रवाई करे, ताकि जमीन को लेकर विवाद आगे न बढ़े।

फिलहाल इस पूरे मामले में संतोष पटेल की ओर से लगाए गए कब्जे, धमकी और कार्रवाई नहीं होने के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। जमीन पर वास्तविक स्वामित्व और कब्जे की स्थिति राजस्व अभिलेखों तथा मौके पर होने वाले आधिकारिक सीमांकन से स्पष्ट होगी। नायब तहसीलदार सिहावल द्वारा सीमांकन के लिए टीम गठित किए जाने के बाद अब राजस्व अमले की मौके पर होने वाली कार्रवाई और रिपोर्ट पर मामले की आगे की स्थिति निर्भर करेगी।

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