11.4 C
Munich
Thursday, October 1, 2026

श्रद्धालु ध्यान दें, पुरी के श्री जगन्नाथ मंदिर में आज 4 घंटे बंद रहेंगे दर्शन; सामने आई वजह

Must read

श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन के अनुसार, 30 सितंबर 2026 को देवी-देवताओं की ‘बनकलागी’ नीति (रस्म) पूरी की जाएगी। इसलिए, दूसरे ‘भोग मंडप’ का भोग लगने के बाद, शाम 6 बजे से रात 10 बजे तक आम लोगों के दर्शन कुछ समय के लिए बंद रहेंगे।
पुरी के श्रीजगन्नाथ मंदिर में दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए जरूरी सूचना है। बुधवार यानी 30 सितंबर को भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की बनकलागी नीति होने के कारण आम श्रद्धालुओं के लिए कुछ घंटों तक दर्शन बंद रहेंगे। श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन की ओर से जारी सूचना के अनुसार, शाम 6 बजे से रात 10 बजे तक आम दर्शन अस्थायी रूप से बंद रहेंगे। मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे इसी के अनुसार अपनी यात्रा की योजना बनाएं, ताकि उन्हें मंदिर पहुंचने के बाद किसी तरह की परेशानी न हो।
शाम 6 बजे से रात 10 बजे दर्शन नहीं कर पाएंगे श्रद्धालु

प्रशासन की सूचना के मुताबिक, 30 सितंबर को अश्विन कृष्ण चतुर्थी तिथि पर भगवान की बनकलागी नीति संपन्न की जाएगी। यह अनुष्ठान दूसरे भोग मंडप भोग के पूरा होने के बाद शुरू होगा। बनकलागी नीति के दौरान श्रीमंदिर के गर्भगृह के कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए बंद रहते हैं। इस दौरान भक्तों को भगवान के दर्शन की अनुमति नहीं होती। इसलिए जो श्रद्धालु बुधवार को पुरी श्रीमंदिर जाने की योजना बना रहे हैं, उन्हें शाम के समय का विशेष ध्यान रखना होगा। शाम 6 बजे से रात 10 बजे तक चार घंटे तक सार्वजनिक दर्शन नहीं हो सकेंगे।

क्या है बनकलागी रस्म

बनकलागी नीति को श्रीमुख श्रृंगार भी कहा जाता है। यह श्रीमंदिर की महत्वपूर्ण और विशेष धार्मिक परंपराओं में से एक है। इस दौरान रत्न सिंहासन पर विराजमान भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र, देवी सुभद्रा और भगवान सुदर्शन के श्रीमुख का विशेष श्रृंगार किया जाता है। इस प्रक्रिया में देवी-देवताओं के चेहरे पर प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल कर दोबारा रंग-रूप सजाया जाता है। यह एक विशेष और गुप्त अनुष्ठान माना जाता है।

बनकलागी नीति को पूरा होने में करीब चार से पांच घंटे का समय लग सकता है। इस दौरान मंदिर के सभी दरवाजे बंद रहते हैं और आम श्रद्धालुओं के दर्शन पर रोक रहती है। इस विशेष सेवा को दत्ता महापात्र सेवायत परंपरा के अनुसार संपन्न करते हैं। भगवान के श्रीमुख के श्रृंगार के लिए प्राकृतिक सामग्री और रंगों का इस्तेमाल किया जाता है। मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे बनकलागी नीति के समय को ध्यान में रखकर श्रीमंदिर पहुंचने की योजना बनाएं। 30 सितंबर को शाम 6 बजे से रात 10 बजे तक आम दर्शन बंद रहेंगे। अनुष्ठान पूरा होने के बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार श्रद्धालुओं के लिए दर्शन फिर से शुरू किए जाएंगे। इससे पहले जून में भी पुरी के श्री जगन्नाथ मंदिर के कपाट पांच घंटे के लिए बंद किए गए थे।

- Advertisement -spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

Latest article