नवादा। थाना कौआकोल क्षेत्र के ग्राम महुआ निवासी पिंटू यादव ने पारिवारिक जमीन में हिस्सा नहीं मिलने और अपना घर बनाने में कथित रूप से बाधा डाले जाने को लेकर पुलिस प्रशासन से सुनवाई की मांग की है। पिंटू यादव का कहना है कि वह गरीब परिवार से है और करीब दो महीने से अपने परिवार के हिस्से को लेकर परेशान है। उसके अनुसार उसका चचेरा भाई सतीश यादव कथित रूप से दबदबे और आर्थिक प्रभाव के चलते उस पर भारी पड़ रहा है, जिसके कारण उसकी शिकायत पर अब तक उचित कार्रवाई नहीं हो सकी है।
पिंटू यादव के मुताबिक वह अपने मकान पर छज्जा डलवाने का काम करा रहा था। इसी दौरान 3 सितंबर 2026 को सतीश यादव के बेटे फंटूश कुमार के वहां पहुंचने के बाद विवाद हो गया। पिंटू का आरोप है कि फंटूश कुमार छज्जा तोड़ने के लिए आया था। इसी दौरान वह गिर गया और उसके सिर में चोट लगने से खून भी निकला। इसके बाद मामला थाने तक पहुंचा और पिंटू यादव का कहना है कि उसके खिलाफ ही गलत तरीके से मामला दर्ज करा दिया गया।
पिंटू यादव ने बताया कि उसके पिता धनेश्वर यादव के साथ भी इस घटना को लेकर विवाद हुआ। उसका आरोप है कि उसके परिवार पर ऐसे आरोप लगाए गए जो उसके अनुसार वास्तविक घटना से अलग हैं। पिंटू का कहना है कि उसके खिलाफ सड़क पर मारपीट करने और सोने की चेन छीनने जैसे आरोप लगाए गए हैं, जबकि वह इन आरोपों को गलत बता रहा है।
शिकायत में धनेश्वर यादव की ओर से भी एक अलग घटनाक्रम का उल्लेख किया गया है। आवेदन के अनुसार 3 सितंबर 2026 को कुछ लोग घर में घुस आए और गाली-गलौज तथा धमकी देने का आरोप लगाया गया। शिकायतकर्ता ने फंटूश यादव पर हथियार दिखाने तथा अन्य लोगों के साथ मिलकर महिलाओं से सोने की चेन और कान की बालियां तथा 50 हजार रुपए ले जाने का आरोप लगाया है। शिकायत में कई अन्य लोगों के नाम भी दर्ज किए गए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
धनेश्वर यादव के आवेदन में यह भी कहा गया है कि घटना के बाद परिवार के लोग डरकर घर से बाहर चले गए थे। पुलिस के पहुंचने पर फंटूश यादव के भागने की बात भी आवेदन में कही गई है। शिकायतकर्ता के अनुसार बाद में वह थाना कौआकोल पहुंचा और 3 सितंबर को शिकायत दी, लेकिन उसका आरोप है कि आवेदन रख लेने के बाद भी मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद 5 सितंबर को फंटूश यादव की ओर से उसके खिलाफ ही मामला दर्ज करा दिया गया।
पिंटू यादव का कहना है कि उसके परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है और वह किसी तरह अपना घर तैयार करना चाहता है, लेकिन विवाद के कारण निर्माण कार्य भी प्रभावित हो रहा है। उसका आरोप है कि सतीश यादव पुलिस का सहारा लेकर उसे घर बनाने से रोकने का प्रयास कर रहा है। वहीं दूसरी ओर, दूसरे पक्ष की शिकायत में पिंटू यादव और उसके परिवार पर लगाए गए आरोपों की जांच होना भी आवश्यक है।
पीड़ित पिंटू यादव ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि दोनों पक्षों की शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाई जाए। उसका कहना है कि यदि उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है तो उसकी शिकायत और लगाए गए आरोपों पर भी नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए। वह चाहता है कि पारिवारिक हिस्से और मकान निर्माण से जुड़े विवाद का समाधान निष्पक्ष तरीके से कराया जाए, ताकि उसका परिवार सुरक्षित तरीके से अपना घर बना सके।
पिंटू यादव का कहना है कि वह लंबे समय से अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्या रखने का प्रयास कर रहा है, लेकिन उसे अभी तक वह सुनवाई नहीं मिली जिसकी वह उम्मीद कर रहा है। अब उसकी मांग है कि पुलिस पूरे मामले की जांच कर दोनों पक्षों के बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उचित कानूनी कार्रवाई करे।
