उज्जैन के शाही मस्जिद में जुमे की नमाज को लेकर पुलिस प्रशासन अलर्ट है। इलाके में सीसीटीवी कैमरे से नजर रखी जा रही है। 2500 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।
उज्जैन में जुम्मे की नमाज को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। शहर में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करते हुए 2000 से अधिक पुलिस जवानों और अधिकारियों की तैनाती की गई है। संवेदनशील इलाकों, प्रमुख चौराहों और धार्मिक स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत शहर के चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से निगरानी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों और जवानों को संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार पेट्रोलिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल को अलग-अलग स्थानों पर तैनात किया गया है।
अफवाह फैलाने वालों पर पुलिस की पैनी नजर
इसी बीच शाही मस्जिद के हिस्से को हटाने का कार्य भी जारी है। प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है और क्षेत्र में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने लोगों से शांति बनाए रखने और सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की अफवाह या भ्रामक जानकारी साझा नहीं करने की अपील की है।
एसपी ने चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया के माध्यम से अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया से जुड़े पांच अकाउंट के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि या भ्रामक पोस्ट की सूचना तत्काल पुलिस को दें। जुमे की नमाज को लेकर पुलिस हाई अलर्ट पर है। 100 CCTV और ड्रोन से चप्पे-चप्पे पर पैनी नजर रखी जा रही है। सोशल मीडिया पर भड़काऊ रील, नफरती कंटेंट और अफवाहें फैलाने वाले अकाउंट्स पर पुलिस की पैनी नजर है। साइबर सेल ने अब तक 100 से ज्यादा भ्रामक पोस्ट हटवाए हैं।
बता दें कि हिंसक झड़प के बाद उज्जैन में शाही मस्जिद के आस-पास सुरक्षा बढ़ा दी गई है। सड़क चौड़ी करने के प्रोजेक्ट के लिए मस्जिद का एक हिस्सा हटाने को लेकर पुलिस और भीड़ के बीच झड़प हो गई थी। यह घटनाक्रम 28 सितंबर को हुई हिंसक झड़प के बाद हुआ, जब तोड़-फोड़ की कार्रवाई के दौरान एक बड़ी भीड़ का पुलिस से सामना हुआ।
भीड़ पर छोड़े गए थे आंसू गैस के गोले
पत्थरबाज़ी की घटनाओं के बाद भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। अधिकारियों द्वारा सुरक्षा व्यवस्था कड़ी किए जाने के बाद रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवानों को भी तैनात किया गया।
मस्जिद के चारों ओर लोहे का ढांचा खड़ा किया गया
पुलिस ने बताया कि मस्जिद के चारों ओर लोहे का ढांचा खड़ा किया गया है, जबकि पुलिस ने इलाके में घुड़सवार मार्च किया। इसके अलावा, मस्जिद के आस-पास की स्थानीय दुकानों को पहले ही पुलिस की देखरेख में खाली करा लिया गया था। इस बीच, शाही मस्जिद कमेटी और राज्य प्रशासन के बीच समझौता होने के बाद मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने विवाद से जुड़ी याचिका का निपटारा कर दिया।
कमेटी के वकील कुलदीप पाठक के अनुसार, प्रशासन ने शुरू में 9.5 फीट जगह मांगी थी, लेकिन समझौते में ढांचे का तीन फीट हिस्सा हटाने की बात तय हुई। प्रशासन प्रभावित दुकानों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था, अधिग्रहण के मानक नियमों के अनुसार मुआवज़ा और मस्जिद परिसर के भीतर ही मीनार को स्थानांतरित करने पर भी सहमत हो गया है। सड़क चौड़ी करने का काम सिंहस्थ कुंभ की तैयारियों के तहत किया जा रहा है।
