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Friday, October 9, 2026

तीन साल से घर नहीं लौटी पत्नी, दो बेटों के साथ परिवार बिखरने का आरोप; संतोष कुमार झा ने पुलिस से लगाई न्याय की गुहार

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2015 में हुई थी शादी, पति का दावा- पत्नी सोनी झा उर्फ पूजा के घर छोड़ने के बाद कई बार थाने के चक्कर काटे, पारिवारिक विवाद और मारपीट के आरोपों की भी जांच की मांग

बिहार के चंपारण क्षेत्र के मोतिहारी-बेतिया से जुड़े संतोष कुमार झा का वैवाहिक विवाद अब गंभीर आरोपों के बीच सामने आया है। करीब 40 वर्षीय संतोष का दावा है कि उनकी पत्नी सोनी झा उर्फ पूजा, उम्र लगभग 35 वर्ष, पिछले तीन साल से उनके साथ घर नहीं लौट रही हैं। दोनों की शादी वर्ष 2015 में हुई थी और उनके दो बेटे हैं। पति का कहना है कि पत्नी के अलग रहने के कारण परिवार बिखर गया है और बच्चों के भविष्य को लेकर भी उन्हें चिंता सता रही है। उनका आरोप है कि वह कई बार पुलिस थानों में शिकायत लेकर पहुंचे, लेकिन अब तक उन्हें अपेक्षित राहत नहीं मिली।

संतोष कुमार झा ने अपने वैवाहिक जीवन, रोजगार, पारिवारिक विवाद और पत्नी के अलग रहने से जुड़े कई आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्षों का जवाब सामने आना बाकी है।

साली की शादी में गुड़गांव जाने के बाद नहीं लौटने का आरोप

संतोष के मुताबिक, उनकी पत्नी सोनी झा उर्फ पूजा अपनी बहन खुशबू की शादी में शामिल होने के लिए हरियाणा के गुड़गांव गई थीं। पति का आरोप है कि इसके बाद वह वापस घर नहीं लौटीं। संतोष ने अपने ससुर लक्ष्मी नारायण और साले प्रेम झा तथा सूरज झा पर पत्नी को अपने प्रभाव में रखने का आरोप लगाया है।

संतोष का यह भी दावा है कि उनके ससुर ने कथित तौर पर 35 हजार रुपये लेकर मामला अपने स्तर पर रोक लिया। हालांकि, इस रकम के लेन-देन की परिस्थितियां और आरोपों की सत्यता स्पष्ट नहीं है। इन दावों की पुष्टि संबंधित दस्तावेजों और दूसरे पक्ष के बयान से ही हो सकती है।

नौकरी छूटी तो ई-रिक्शा चलाकर परिवार चलाने की कोशिश

संतोष ने बताया कि शादी के समय वह दिल्ली के टीटी नगर और माया नगर से जुड़े इलाके में Naaptol.com में काम करते थे। उनके अनुसार, पत्नी के लगातार फोन आने और घरेलू परिस्थितियों के कारण उनकी नौकरी प्रभावित हुई और बाद में उन्हें काम छोड़ना पड़ा।

इसके बाद उन्होंने ई-रिक्शा खरीदकर आजीविका चलाने की कोशिश की। संतोष का कहना है कि वह करीब 10 से 12 दिन ही ई-रिक्शा चला पाए थे कि उसकी बैटरी चोरी हो गई। इसके बाद उन्होंने अपने ससुर से बातचीत की। संतोष के मुताबिक, उस समय उनके ससुर बहादुरगढ़ में चौकीदार के रूप में काम करते थे और वहां रोजगार दिलाने की बात हुई थी।

संतोष का दावा है कि वह बहादुरगढ़ पहुंचे और दो-तीन जगह साक्षात्कार भी दिया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद वह पुणे चले गए, जहां उन्होंने वेल्डिंग और बिल्डिंग से जुड़े काम में कई वर्षों तक मेहनत की। उनका कहना है कि धीरे-धीरे उनका काम अच्छा चलने लगा था और वह अपनी जिंदगी को दोबारा व्यवस्थित करने की कोशिश कर रहे थे।

लॉकडाउन के दौरान पारिवारिक तनाव बढ़ने का दावा

संतोष के अनुसार, वर्ष 2020 में कोरोना महामारी के दौरान उनकी भाभी का निधन हो गया। इसके बाद परिवार में तनाव बढ़ने लगा। उन्होंने अपने पिता नरेश झा और पत्नी के बीच विवाद होने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि परिवार के बुजुर्ग पत्नी को घर-परिवार की जिम्मेदारियां निभाने और आपसी संबंध बनाए रखने की सलाह देते थे, लेकिन समय के साथ घरेलू विवाद बढ़ता गया।

संतोष ने अपने गांव में पत्नी के व्यवहार को लेकर भी कई आरोप लगाए हैं। उन्होंने एक युवक के साथ कथित विवाद और गांव के सामाजिक कार्यक्रमों को लेकर भी संदेह जताया है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि के लिए कोई स्वतंत्र प्रमाण उपलब्ध नहीं है। किसी भी व्यक्ति के निजी आचरण के संबंध में लगाए गए आरोपों को जांच और संबंधित पक्ष के जवाब के बिना तथ्य नहीं माना जा सकता।

पुणे में साथ रखने के बाद भी रिश्ते में तनाव रहने का आरोप

संतोष का कहना है कि जब उन्हें पत्नी को लेकर विवादों की जानकारी मिली, तो वह उन्हें अपने साथ पुणे ले गए, जहां वह काम करते थे। उनके अनुसार, वहां भी वैवाहिक संबंध सामान्य नहीं हो सके। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें कई बार भोजन तक के मामले में परेशानी का सामना करना पड़ा और वह चूड़ा खाकर गुजारा करने को मजबूर हुए।

संतोष ने यह भी दावा किया कि एक दिन उन्होंने पत्नी को मकान मालिक के साथ बंद कमरे में पाया था। इस घटना के बाद परिस्थितियां और बिगड़ गईं। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित मकान मालिक तथा पत्नी का पक्ष उपलब्ध नहीं है।

दिल्ली जाने के बाद संपर्क और रिश्तों को लेकर विवाद

संतोष के मुताबिक, बाद में उनकी पत्नी दिल्ली चली गईं। उनका कहना है कि पत्नी ने शुरुआत में चाचा के बेटे के साथ जाने की बात कही थी, लेकिन बाद में उन्हें पत्नी के संबंधों को लेकर संदेह हुआ। संतोष ने दावा किया कि परिवार के दूसरे लोगों ने भी इस मामले में समझाने की कोशिश की।

उन्होंने दिल्ली के मिथिला विहार और अन्य स्थानों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि पत्नी के ठिकाने और उनके संपर्कों को लेकर लगातार विवाद बना रहा। इन घटनाओं की सटीक तारीखों और परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

दिल्ली में मारपीट का आरोप, प्रेम नगर थाने में शिकायत का दावा

संतोष ने एक अन्य घटना का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि वर्ष 2024 के दौरान दिल्ली में वह पत्नी से जुड़े मामले में जानकारी लेने पहुंचे थे। इस दौरान उनके बड़े भाई सुनील झा, उनकी पत्नी पिंकी झा और रवि झा तथा शिवम झा नाम के लोगों ने कथित तौर पर उनके साथ मारपीट की।

संतोष का दावा है कि इस मामले में उन्होंने प्रेम नगर थाने में शिकायत दी थी। हालांकि, शिकायत की प्रति, पुलिस की कार्रवाई और मामले की वर्तमान स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। इस आरोप पर संबंधित लोगों और पुलिस का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

छठ पूजा के समय फिर दिल्ली जाने का आरोप

संतोष के अनुसार, वर्ष 2025 में छठ पूजा के आसपास उनकी पत्नी फिर दिल्ली चली गईं। उन्होंने बताया कि पत्नी निठारी और बलजीत विहार क्षेत्र में रह रही हैं तथा किसी कंपनी में काम करती हैं। संतोष ने पत्नी के किसी अन्य व्यक्ति के संपर्क में होने का भी आरोप लगाया है, लेकिन इस दावे की पुष्टि करने वाला स्वतंत्र साक्ष्य सामने नहीं आया है।

पति का कहना है कि वह लगातार इस उम्मीद में रहे कि पत्नी वापस लौटेंगी और दोनों अपने बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए विवाद समाप्त करेंगे। उनका आरोप है कि लंबे समय से चल रही इस स्थिति ने उनके पारिवारिक और आर्थिक जीवन को प्रभावित किया है।

पुलिस से निष्पक्ष जांच और बच्चों के भविष्य को लेकर गुहार

संतोष कुमार झा ने पुलिस से अपने वैवाहिक विवाद, पत्नी के अलग रहने, कथित आर्थिक लेन-देन और मारपीट की शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। वह चाहते हैं कि उनके द्वारा पहले दी गई शिकायतों की स्थिति स्पष्ट की जाए और कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाए।

इस मामले में पत्नी सोनी झा उर्फ पूजा, ससुराल पक्ष और कथित मारपीट में नामित लोगों का पक्ष सामने आना बाकी है। संबंधित पुलिस थानों की ओर से की गई कार्रवाई के दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं हैं। इसलिए सभी आरोपों को फिलहाल शिकायतकर्ता के दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

करीब एक दशक पहले शुरू हुआ यह वैवाहिक रिश्ता अब गंभीर विवाद में बदल चुका है।

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