10.7 C
Munich
Friday, October 16, 2026

$1.4 ट्रिलियन की डिजिटल इकोनॉमी पर Jio की नजर, IPO से जुटाए पैसे से कर्ज मुक्त बनेगी कंपनी; आकाश अंबानी ने बताया प्लान

Must read

रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल और टेलीकॉम कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स अब भारत की बढ़ती डिजिटल इकोनॉमी में बड़ी हिस्सेदारी हासिल करने की तैयारी कर रही है। कंपनी की नजर वित्त वर्ष 2030-31 तक 1.4 ट्रिलियन डॉलर की होने वाली डिजिटल इकोनॉमी पर है।
भारत की तेजी से बढ़ती डिजिटल इकोनॉमी में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए जियो ने बड़ा लक्ष्य तय किया है। रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल और टेलीकॉम कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स की नजर वित्त वर्ष 2030-31 तक 1.4 ट्रिलियन डॉलर की होने वाली भारतीय डिजिटल इकोनॉमी पर है। कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश अंबानी ने बताया कि आईपीओ से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल कर्ज घटाने में किया जाएगा। इसके बाद कारोबार के विस्तार के लिए कंपनी अपनी कमाई और कैश फ्लो पर निर्भर रहेगी।
आकाश अंबानी के मुताबिक, जियो प्लेटफॉर्म्स पर करीब 3 अरब डॉलर का नेट कर्ज है। कंपनी का लक्ष्य आईपीओ से मिलने वाली पूरी रकम का इस्तेमाल करके खुद को नेट डेट-फ्री बनाना है। कंपनी का प्रस्तावित आईपीओ 37,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का हो सकता है। आकाश ने कहा कि भविष्य में कारोबार बढ़ाने के लिए जरूरी पूंजी कंपनी के ऑपरेशन से होने वाली कमाई से आएगी। यानी कंपनी विस्तार के लिए लगातार बाहरी कर्ज लेने के बजाय अपने कारोबार से पैदा होने वाले पैसे का इस्तेमाल करना चाहती है।

कमाई और मुनाफे में सुधार पर जोर
आकाश अंबानी ने बताया कि जियो के राजस्व का करीब 30% हिस्सा फ्री कैश फ्लो में बदलता है। कंपनी इस रकम को ग्राहकों के लिए नई सुविधाएं विकसित करने और कारोबार बढ़ाने में निवेश करेगी। पिछले तीन वर्षों में जियो का EBITDA मार्जिन 50% से बढ़कर 53% हो गया है। कंपनी को उम्मीद है कि तकनीक के बेहतर इस्तेमाल और नए डिजिटल उत्पादों से इसमें आगे भी सुधार हो सकता है। मोबाइल सेवाओं, होम ब्रॉडबैंड, एंटरप्राइज और डिजिटल सेवाओं से कंपनी को भविष्य में कमाई बढ़ने की उम्मीद है।

सिर्फ डेटा महंगा करने पर निर्भर नहीं रहेगी कंपनी
टैरिफ बढ़ाने की संभावना पर आकाश अंबानी ने कहा कि जियो के पास कीमतें बढ़ाने का ऑप्शन है, लेकिन कंपनी की पहली प्राथमिकता ग्राहकों को ज्यादा सेवाएं देना है। कंपनी मोबाइल डेटा की कीमत बढ़ाने के बजाय अपनी सेवाओं से ज्यादा मूल्य देने पर ध्यान देना चाहती है।

10 करोड़ घरों तक ब्रॉडबैंड पहुंचाने की तैयारी
जियो की UBR तकनीक से होम ब्रॉडबैंड का संभावित बाजार 4 करोड़ से बढ़कर 10 करोड़ घरों तक पहुंच गया है। आकाश के मुताबिक, इस तकनीक के जरिए ग्राहक की मांग के 48 घंटे के भीतर वायरलेस ब्रॉडबैंड कनेक्शन उपलब्ध कराया जा सकता है। विदेशों में विस्तार के लिए भी जियो स्थानीय टेलीकॉम कंपनियों के साथ साझेदारी करने की योजना बना रही है। इससे कंपनी अपनी तकनीक को दूसरे देशों में पहुंचा सकेगी और भारतीय डिजिटल बाजार के बाहर भी नए अवसर तलाश सकेगी।

- Advertisement -spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

Latest article