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Saturday, October 17, 2026

जमीन पर पानी गिराने से रोकना पड़ा भारी, महिला से मारपीट कर चांदी का लॉकेट छीनने का आरोप; बुआ का हाथ टूटने का दावा, न्याय के लिए भटक रहा पीड़ित परिवार

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सारण/मकेर। बिहार के सारण जिले के मकेर थाना क्षेत्र में जमीन पर नल का पानी गिराने को लेकर शुरू हुआ विवाद मारपीट और चांदी का लॉकेट छीनने के आरोप तक पहुंच गया। पीड़िता ललिता देवी का आरोप है कि जब उन्होंने अपने जमीन पर अत्यधिक पानी गिराने का विरोध किया और आने-जाने में हो रही परेशानी का हवाला देकर पानी रोकने को कहा, तो पड़ोस के लोगों ने कथित तौर पर एकजुट होकर उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की। पीड़िता ने आरोप लगाया कि इस दौरान उनके गले से चांदी का लॉकेट भी छीन लिया गया। बीच-बचाव करने पहुंचीं उनकी बुआ शांति देवी के साथ भी मारपीट की गई, जिसमें उनका हाथ टूटने की बात कही गई है। पीड़ित परिवार का कहना है कि घटना के बाद इलाज कराने के बावजूद उन्हें अब तक न्याय नहीं मिल पाया है।

पीड़िता ललिता देवी, पत्नी सोनू मांझी, निवासी ग्राम एकडेरवा, मधुरिमा (हसनपुरा), पोस्ट भाषा, थाना मकेर, जिला सारण के अनुसार, घटना 14 अक्टूबर 2026 की शाम करीब 5:30 बजे की है। उनका कहना है कि पड़ोसी के घर से नल का पानी उनकी जमीन पर गिर रहा था, जिससे वहां आने-जाने में परेशानी हो रही थी। जब उन्होंने संबंधित लोगों से पानी गिराना बंद करने और परेशानी को समझने की बात कही, तो विवाद बढ़ गया। ललिता देवी का आरोप है कि जगदीश मांझी, राजेंद्र मांझी, रामू मांझी, नितीश कुमार मांझी, सन्नी कुमार सहित अन्य लोगों ने उनके साथ मारपीट की।

आवेदन में पीड़िता ने आरोप लगाया है कि जगदीश मांझी ने डंडे से उनकी पीठ पर वार किया, जिससे वह दर्द से कराहने लगीं और जमीन पर गिर गईं। इसी दौरान सन्नी कुमार पर उनके गले से चांदी का लॉकेट छीनने का आरोप लगाया गया है। पीड़िता का कहना है कि उन्होंने लॉकेट वापस मांगा, लेकिन कथित तौर पर उसे वापस नहीं किया गया। इस घटना से परिवार में भय और नाराजगी का माहौल है।

ललिता देवी के मुताबिक, शोर-शराबा सुनकर उनकी बुआ शांति देवी मौके पर पहुंचीं और लॉकेट के संबंध में पूछताछ की। आरोप है कि इसके बाद उनके साथ भी लाठी-डंडे से मारपीट की गई। पीड़ित पक्ष का दावा है कि इस हमले में शांति देवी का हाथ टूट गया। आरोपित पक्ष के कुछ लोगों पर गाली-गलौज करते हुए मौके से चले जाने और भविष्य में पानी गिराने के मुद्दे पर बोलने पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है।

पीड़िता की ओर से दिए गए आवेदन में रामू मांझी, नितीश मांझी, सन्नी कुमार, अरुण मांझी, धर्मशीला देवी, शोभा कुमारी, रीना देवी और समैना कुमारी समेत कई लोगों के नाम भी दर्ज कराए गए हैं। ललिता देवी का कहना है कि घटना के दौरान उनके परिवार के अन्य सदस्य भी प्रभावित हुए। आसपास के लोगों की मदद से घायलों को मकेर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां उनका इलाज कराया गया। पीड़ित परिवार ने मामले में उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है

पीड़ित ललिता देवी का कहना है कि आरोपी जगन्नाथ मांझी दबाव और पैसे के बल पर और दबंगई से थाने में गलत फिर दर्ज करवा दी पीड़ित ललिता देवी का कहना है कि जगन्नाथ माजी जो कि शिक्षक है इसके बावजूद भी इन्होंने जितेंद्र माझी ,पीड़ित गणेश मांझी ,मुन्ना माझी, गलत आरोप लगाया कि उनकी बहन सनी को डांट से काटा है और उसके साथ छेड़छाड़ किया पीड़ित ललिता देवी का कहना है कि ऐसा कुछ नहीं हुआ सनी जो की तलवार लेकर ललिता देवी के पति जय किशोर मांझी को करने के करने के लिए आ रही थी तभी दीवार से टकराकर गिर गई जिससे उसकी चोट लग गई और यही चोट दिखाकर थाने में झूठी FIR दर्ज करवा दी बल्कि पीड़ित ललिता देवी का कहना है कि आरोपी के पास कोई सबूत नहीं है

पीड़ित परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि मामले में उनकी सुनवाई नहीं हो रही है और उनकी शिकायत पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही। परिवार का दावा है कि थाने में कार्रवाई कराने के लिए उनसे पैसे मांगे जाते हैं। यह आरोप गंभीर है, लेकिन इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। यदि ऐसा हुआ है, तो इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है, ताकि शिकायतकर्ता को बिना किसी अनुचित दबाव के कानून के अनुसार न्याय मिल सके।

पीड़िता अब चाहती हैं कि उनकी शिकायत पर निष्पक्ष जांच हो, मारपीट और कथित लॉकेट छीनने की घटना की सच्चाई सामने आए तथा दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। परिवार की मांग है कि उनकी बात सुनी जाए और उन्हें सुरक्षा तथा न्याय दिलाने के लिए संबंधित अधिकारी मामले का संज्ञान लें।

अब सवाल यह है कि जमीन पर पानी गिराने जैसे स्थानीय विवाद में कथित मारपीट और महिला के आभूषण छीनने के आरोपों की जांच कब होगी? क्या पीड़ित परिवार की शिकायत पर निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी? फिलहाल, इन सवालों का जवाब पुलिस की जांच और आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

 

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