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Saturday, October 17, 2026

जब शिवाजी साटम के लिए मसीहा बने नाना पाटेकर, पत्नी को हुआ कैंसर तो दिया साथ, प्रोड्यूसर से दिलाए थे पैसे

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नाना पाटेकर के निधन के बाद लोग उनसे जुड़ी यादें साझा कर रहे हैं। अब शिवाजी साटम ने भी नाना की दरियादिली के किस्से साझा किए हैं। उन्होंने नाना पाटेकर की शोक सभा में बताया कि कैसे मुश्किल समय में वह उनके लिए किसी पिलर की तरह खड़े रहे।
नाना पाटेकर अपने अभिनय ही नहीं अपनी दरियादिली के लिए भी जाने जाते थे। उन्होंने फिल्मी दुनिया के कई सितारों की मदद की थी और किसानों की मदद के लिए भी हमेशा आगे खड़े रहते थे। 8 अक्टूबर को नाना पाटेकर ने हमेशा-हमेशा के लिए इस दुनिया को अलविदा कह दिया। उनके निधन की खबर ने हर किसी को चौंका दिया था। नाना को गुजरे 9 दिन हो गए हैं और अब तक उनके फैंस, दोस्त और परिवार के लोग इस दुख से बाहर नहीं आ सके हैं। इंडस्ट्री के कलाकार उनसे जुड़ी बातें साझा कर रहे हैं। अब हाल ही में शिवाजी साटम ने भी नाना से जुड़ी कुछ बातें साझा कीं और बताया कि कैसे मुश्किल समय में नाना ने उनकी मदद की।
शिवाजी के लिए मसीहा थे नाना पाटेकर
सीआईडी के मशहूर एसीपी प्रद्युमन यानी शिवाजी साटम हाल ही में नाना पाटेकर की प्रार्थना सभा में शामिल हुए, जहां उन्होंने दिवंगत अभिनेता से जुड़ी यादें साझा कीं। इसी दौरान उन्होंने बताया कि कैसे मुश्किल दिनों में नाना ने हमेशा उकी मदद की। शिवाजी साटम ने बताया कि नाना के चलते ही उन्होंने हिंदी सिनेमा में काम करना शुरू किया था। उन्होंने बताया कि उनकी पहली हिंदी फिल्म ‘यशवंत’ थी, इस फिल्म में उन्होंने पुलिसवाले की भूमिका निभाई थी और ये रोल उन्हें नाना के चलते ही मिला था। उन्होंने बताया कि शुरुआत में वह ये रोल नहीं करना चाहते थे, लेकिन नाना ने उन्हें समझाया और वह मान गए।

प्रोड्यूसर से दिलाए पैसे
शिवाजी साटम बताते हैं कि नाना ने फिल्म पूरी होने के बाद उनसे उनकी फीस के बारे में पूछा, जब उन्होंने बताया कि उन्हें कितने पैसे मिले हैं तो वह नाराज हो गए और कहा कि प्रोड्यूसर ने बहुत कम पैसे दिए हैं। शिवाजी साटम ने नाना को प्रोड्यूसर से बात करने से मना किया, लेकिन वह नहीं माने और प्रोड्यूसर को बुलाकर साफतौर पर कह दिया कि उन्होंने शिवाजी को बहुत कम फीस दी है। शिवाजी साटम ने कहा कि नाना हमेशा अपने दोस्तों के हक के लिए खड़े रहते थे और जब भी मदद की बात आती थी, कभी पीछे नहीं हटते थे।

जब शिवाजी साटम की पत्नी को हुआ कैंसर
मुंबई के प्रभादेवी स्थित पीएल देशपांडे महाराष्ट्र कला अकादमी परिसर में आयोजित ‘अठवणीतले नाना’ में नाना को याद करते हुए शिवाजी साटम ने उस मुश्किल दौर को भी याद किया जब उनकी पत्नी को कैंसर हुआ था। शिवाजी साटम ने बताया कि जब वह ‘गुलाम-ए-मुस्तफा’ की शूटिंग कर रहे थे, तभी नाना को पता चला था कि उनकी पत्नी को कैंसर है। उन्होंने कहा- ‘मैंने नाना से कहा कि मैं इस फिल्म में अब काम नहीं कर पाऊंगा, लेकिन उन्होंने मेरी बात नहीं मानी। उन्होंने डायरेक्टर और अन्य लोगों से बात की और अगले दिन डायरेक्टर ने कहा- तुम दोपहर 12 बजे आ जाना और 8 बजे चले जाना। अगर नाना नहीं होते तो ये सब मुमकिन नहीं हो पाता। वह ऐसे ही इंसान थे।’

 

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