क्या ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव में धांधली हुई? लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा की जीत को धांधली का नतीजा है? अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस चुनाव परिणाम को धांधली का नतीजा बताया है।
वाशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ब्राजील में हुए राष्ट्रपति चुनाव के परिणाम को लेकर आहत नजर आ रहे हैं। उन्होंने चुनाव में लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा की जीत को धांधली का नतीजा बताया है। ट्रंप ने मिसीसिपी में एक रैली के लिए रवाना होने से पहले रिपोटर्स से कहा, ‘चुनाव ऐसे होने चाहिए जिनके नतीजों पर कोई सवाल न उठे, लेकिन मुझे इन चुनावों में गड़बड़ी लगती है। जिस तरीके से मतगणना हुई, उससे सवाल खड़े होते हैं। साफ शब्दों में कहूं तो यह एक और धांधली वाला चुनाव लगता है।’
फ्लेवियो बोल्सोनारो ने रिजल्ट को दी चुनौती
बता दें कि रविवार को ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव के दूसरे चरण में लूला दा सिल्वा की सत्ता में वापसी की राह में पहली बड़ी बाधा तब सामने आई, जब उनके प्रतिद्वंद्वी सीनेटर फ्लेवियो बोल्सोनारो ने चुनाव परिणामों को चुनौती दे दी। इस घटनाक्रम से देश की दो ध्रुवीकृत राजनीतिक शक्तियों के बीच एक बार फिर तीखा टकराव होने की आशंका बढ़ गई है। लूला दा सिल्वा पहले राउंड में पिछड़ गए थे। काउंटिंग के दूसरे राउंड में उन्होंने बढ़त हासिल की और चुनाव जीत गए।
मतदान का समय बढ़ाए जाने से हुई अव्यवस्था
बोल्सोनारो ने रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि दोनों उम्मीदवारों के अनुरोध पर मतदान का समय बढ़ाए जाने के बाद पैदा हुई अव्यवस्था को देखते हुए वह चुनाव रद्द करने की अदालत से अपील करेंगे। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि चुनाव रद्द कराने की मांग के समर्थन में उनके पास कौन से कानूनी विकल्प मौजूद हैं।
ट्रंप के मुखर आलोचक रहे हैं लूला
लूला दा सिल्वा अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मुखर आलोचक रहे हैं। लूलापांच जनवरी, 2027 को चौथे कार्यकाल के लिए पदभार ग्रहण कर सकते हैं। मतगणना में 100 प्रतिशत मतों की गिनती पूरी होने के बाद ब्राजील के निर्वाचन न्यायालय ने घोषणा की कि लूला ने अपने प्रतिद्वंद्वी बोल्सोनारो पर करीब 44 लाख वोटों की निर्णायक बढ़त हासिल कर ली है। लूला को कुल मतों का 51.8 प्रतिशत मिला।
बता दें कि ब्राजील में वामपंथी नेता लूला डा सिल्वा ने राष्ट्रपति का चुनाव जीत लिया। वे 80 साल की उम्र में चौथी बार देश के राष्ट्रपति बनेंगे। चुनावी मुकाबले में उन्होंने फ्लावियो बोल्सोनारो को हरा दिया। लूला इस जीत के साथ राष्ट्रपति पद पर सबसे लंबे समय तक रहने वाले नेताओं में दूसरे स्थान पर पहुंच जाएंगे। उनसे आगे केवल गेटुलियो वर्गास हैं। लूला की यह जीत ऐसे समय में हुई है, जब चुनाव प्रचार के दौरान महंगाई, जीवनयापन की बढ़ती लागत, अपराध और भ्रष्टाचार प्रमुख मुद्दे रहे।
