मेडिकल कराने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप, शिकायत दर्ज न होने और झूठे मामले में फंसाने की आशंका से परेशान परिवार ने अधिकारियों से मांगी मदद
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में मारपीट और जान से मारने की धमकी से जुड़ा एक मामला सामने आया है। पीड़ित दिलशाद और उनके परिवार का आरोप है कि उन पर बार-बार हमला किया गया, लेकिन शिकायत के बावजूद अब तक उचित कार्रवाई नहीं हुई है। परिवार का कहना है कि दिलशाद के साथ तीन बार मारपीट की गई और एक घटना में उनके सिर पर बंदूक की बट से वार किया गया, जिससे उन्हें गंभीर चोट आई। पीड़ित पक्ष का दावा है कि घटना के बाद उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया, लेकिन उन्हें मेडिकल रिपोर्ट या उससे संबंधित कागजात भी उपलब्ध नहीं कराए गए। परिवार का आरोप है कि शिकायत देने के बावजूद पुलिस की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिससे वे लगातार परेशान हैं।
पीड़ित दिलशाद पुत्र मालवा ने नगर थाना, धूम मानिकपुर चौकी और बादलपुर थाना क्षेत्र से संबंधित अधिकारियों को दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया कि वह आटा चक्की चलाकर अपना जीवनयापन करते हैं। उनके अनुसार, रात करीब 10:30 बजे के बाद वह अपना काम निपटाकर दुकान की ओर से घर जा रहे थे। इसी दौरान बाइक सवार कुछ लोगों ने कथित तौर पर उन्हें रास्ते में रोककर मारपीट शुरू कर दी। दिलशाद का आरोप है कि हमलावरों ने उनके सिर पर जोरदार वार किया, जिससे सिर से खून निकलने लगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि हमले में शामिल कुछ लोगों को वह पहचानते हैं। शिकायत में अभिषेक और नरेश के पुत्र का नाम लिया गया है, जिन्हें उन्होंने धूमखेड़ा का निवासी बताया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्षों का बयान सामने नहीं आया है।
दिलशाद ने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया कि इससे पहले भी उनके साथ मारपीट की जा चुकी है और उन्हें जान से मारने की धमकियां दी गई थीं। पीड़ित के अनुसार, बार-बार हो रही घटनाओं के कारण उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। उनका दावा है कि ताजा घटना के बाद उन्हें बादलपुर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार और मेडिकल परीक्षण हुआ। इसके बाद उन्होंने घटना की शिकायत पुलिस से की, लेकिन उनके मुताबिक अब तक उनकी शिकायत पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है।
पीड़ित परिवार का कहना है कि मामले में सुनवाई नहीं होने के कारण उनकी परेशानी बढ़ती जा रही है। परिवार ने आरोप लगाया कि एक तरफ मारपीट की घटनाओं से वे भयभीत हैं, वहीं दूसरी तरफ उन्हें झूठे मामले में फंसाए जाने की आशंका भी सता रही है। उनका कहना है कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो उनके परिवार की सुरक्षा को लेकर स्थिति और गंभीर हो सकती है। परिवार का दावा है कि वे लगातार न्याय की उम्मीद में अधिकारियों से गुहार लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक संतोषजनक समाधान नहीं मिला है।
पीड़ित दिलशाद ने संबंधित पुलिस अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, आरोपित व्यक्तियों के खिलाफ साक्ष्यों के आधार पर उचित कानूनी कार्रवाई करने और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। परिवार चाहता है कि शिकायत और मेडिकल परीक्षण से जुड़े दस्तावेजों की स्थिति स्पष्ट की जाए तथा यदि जांच में मारपीट और धमकी के आरोप सही पाए जाते हैं, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए। परिवार ने प्रशासन से अपील की है कि उनकी शिकायत को गंभीरता से लेकर समय रहते न्याय दिलाने में मदद की जाए।
फिलहाल, मामले में पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया और जांच की स्थिति की पुष्टि होना बाकी है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
