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Tuesday, November 3, 2026

लंदन से दीपक वाधवा के पार्थिव शरीर को भारत लाने की प्रक्रिया शुरू, BJP नेता विजय जॉली ने PM मोदी से की थी अपील

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डॉ. विजय जॉली की सामाजिक पहल और पीएम मोदी से की गई अपील के बाद, भारत में जन्मे दीपक वाधवा के पार्थिव शरीर को लंदन से भारत लाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है, ताकि यहां हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार उनका अंतिम संस्कार किया जा सके।
नई दिल्ली: भाजपा नेता डॉ. विजय जॉली की सामाजिक पहल और पीएम मोदी से की गई अपील के बाद, भारत में जन्मे दीपक वाधवा के पार्थिव शरीर को लंदन से भारत लाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है, ताकि यहां हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार उनका अंतिम संस्कार किया जा सके। प्रधानमंत्री मोदी ने 24 घंटे के भीतर ही इस पर त्वरित कार्रवाई की। अब लंदन में मृतक के परिवार को एनओसी (NOC) दी जा रही है। भाजपा नेता विजय जॉली ने कहा, “मैंने दीपक वाधवा की पत्नी से बात की, जिन्होंने इस नेक और मानवीय कार्य के लिए मेरा बहुत-बहुत धन्यवाद किया, लेकिन यह सब प्रधानमंत्री मोदी की पहल और उनके निर्देशों के कारण ही संभव हो पाया है।
डॉ. विजय जॉली ने की थी अपील
इससे पहले भाजपा नेता विजय जॉली ने एक पत्र लिखकर इस मामले में सहायता की मांग की थी। अपने पत्र में भाजपा नेता ने लिखा, “मैं आपका ध्यान भारतीय मूल के दीपक वाधवा के दुखद निधन की ओर आकर्षित करना चाहता हूं। उनका जन्म 1 अक्टूबर 1982 को पंजाब के जालंधर में हुआ था और 21 अक्टूबर 2026 को लंदन, यूनाइटेड किंगडम में उनका निधन हो गया। दीपक वाधवा यूनाइटेड किंगडम गए थे। उनके पास भारतीय पासपोर्ट था, जो 14 नवंबर 2019 को जारी किया गया था और 13 नवंबर 2029 तक वैध था। उनके पासपोर्ट पर पांच साल का भारतीय वीज़ा भी लगा हुआ था। बाद में, सितंबर 2025 में लंदन में उन्हें ब्रिटिश नागरिकता मिल गई। उनकी पत्नी, शिल्पी सैनी और उनकी बेटी मेहर वाधवा, दोनों के पास ‘ओवरसीज़ सिटीज़न ऑफ़ इंडिया’ (OCI) कार्ड है।”

विजय जॉली ने आगे लिखा, “शोकाकुल परिवार गहरे दुख में है और दीपक वाधवा के पार्थिव शरीर को भारत लाना चाहता है, ताकि उनके गृह देश में हिंदू धार्मिक मान्यताओं, रीति-रिवाजों और पारिवारिक परंपराओं के अनुसार उनका अंतिम संस्कार किया जा सके। परिवार की भावनात्मक पीड़ा और मामले की गंभीरता को देखते हुए, मैं आपसे विनम्र आग्रह करता हूं कि आप विदेश मंत्रालय और लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग को निर्देश दें कि वे हर संभव सहायता प्रदान करें। साथ ही, उनके पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द भारत वापस लाने के लिए आवश्यक ‘नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट’ (NOC) और अन्य जरूरी मंजूरियां जल्द से जल्द जारी की जाएं।

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