लखनऊ में शादी का झांसा देकर शोषण का आरोप, दो साल तक साथ रहा युवक अब मुकरा; 50 हजार और मोबाइल लेकर फरार, भाई दे रहा गोली से मरवाने की धमकी
लखनऊ (ठाकुरगंज/दुबग्गा)।
राजधानी लखनऊ में एक महिला के साथ शादी का झांसा देकर लंबे समय तक शारीरिक शोषण, आर्थिक ठगी और अब जान से मारने की धमकियों का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़िता शमशुन निशा पुत्र शराफत, निवासी अनवार सिटी बालागंज, थाना ठाकुरगंज, ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर इंसाफ की गुहार लगाई है। मामला न्यायालय श्रीमान एसीजेएम पंचम, लखनऊ के समक्ष विचाराधीन बताया गया है।
पीड़िता के अनुसार, उसके पति करीब तीन-चार वर्ष पूर्व लापता हो गए थे, जिसके बाद वह अपने तीन छोटे बच्चों के साथ पूरी तरह बेसहारा हो गई। जीवन-यापन के लिए वह लहसुन-सफाई और झाड़ू-पोंछा जैसे छोटे-मोटे काम करके बच्चों का पेट पाल रही थी। इसी दौरान करीब दो वर्ष पूर्व उसके संपर्क में महमूद पुत्र मुखिया आया, जो मूल निवासी ग्राम व पोस्ट खबदा, थाना व तहसील अटपटगंज, जिला खदैरिया (बिहार) का रहने वाला है और वर्तमान में दुबग्गा मंडी, थाना दुबग्गा, लखनऊ में रह रहा था।
पीड़िता का आरोप है कि महमूद ने उससे प्रेम का इज़हार कर शादी का भरोसा दिलाया और कहा कि वह उसके और उसके बच्चों की पूरी जिम्मेदारी उठाएगा। इसी विश्वास के आधार पर उसने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। आरोप है कि शादी का झांसा देकर महमूद करीब डेढ़ साल तक उसके साथ रहा और बार-बार आर्थिक जरूरतों का हवाला देकर उससे पैसे भी लेता रहा।
पीड़िता के अनुसार, बाद में महमूद अचानक उसे छोड़कर चला गया और शादी से साफ इनकार कर दिया। जाते समय वह करीब 50 हजार रुपये और एक मोबाइल फोन भी लेकर फरार हो गया। यही नहीं, पीड़िता का आरोप है कि महमूद और उसके परिजनों के दबाव में उसका काम भी छुड़वा दिया गया, जिससे उसके सामने बच्चों के पालन-पोषण का गंभीर संकट खड़ा हो गया।
मामले ने और खतरनाक मोड़ तब ले लिया जब आरोपी का भाई अब्दुल लगातार पीड़िता का पीछा करने लगा। पीड़िता का कहना है कि अब्दुल आए दिन खुलेआम धमकी देता है—
“हम तुझे गोली से मरवा देंगे, रातों-रात खत्म कर देंगे और किसी को पता भी नहीं चलेगा। दो साल में तू हमारे भाई का कुछ नहीं कर पाई, अब हमारा क्या कर लेगी।”
लगातार मिल रही इन धमकियों से पीड़िता और उसके तीनों बच्चे गहरे डर और दहशत में जीने को मजबूर हैं। पीड़िता का कहना है कि उसने थाने में कई बार शिकायत दी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अंततः उसे न्यायालय की शरण लेनी पड़ी, जहां भी मामले को दबाने की कोशिश किए जाने का आरोप लगाया गया है।
पीड़िता ने प्रशासन और न्यायालय से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपी महमूद और उसके भाई के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए तथा उसे और उसके बच्चों को सुरक्षा प्रदान की जाए। यह मामला एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा, शादी के झूठे वादों और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
