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Saturday, January 24, 2026

धार की भोजशाला में बसंत पंचमी पर पूजा-नमाज का विवाद गहराया, सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज

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धार की भोजशाला में बसंत पंचमी के दिन पूजा और जुमे की नमाज को लेकर हिंदू-मुस्लिम पक्ष आमने-सामने हैं। हिंदू पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में नमाज पर रोक की मांग की है। तनाव के बीच भारी सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।धार: मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला एक बार फिर हिंदू और मुस्लिम पक्षों के बीच विवाद की वजह बन गई है। इस बार बसंत पंचमी 23 जनवरी को शुक्रवार के दिन पड़ रही है, जिस वजह से पूजा और जुमे की नमाज को लेकर तनाव बढ़ गया है। हिंदू पक्ष पूरे दिन अखंड पूजा करने पर अड़ा है, जबकि मुस्लिम पक्ष नमाज अदा करने की जिद पर कायम है। हिंदू पक्ष की याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है, जिसमें बसंत पंचमी पर जुमे की नमाज पर रोक लगाने की मांग की गई है।
भोजशाला विवाद की वजह क्या है?
भोजशाला को हिंदू पक्ष सरस्वती मंदिर मानता है, जहां वे मां शारदा की पूजा करते हैं। वहीं, मुस्लिम पक्ष इसे कमाल मौला मस्जिद बताता है, जहां वे नमाज अदा करते हैं। सामान्य दिनों में हिंदुओं को मंगलवार को पूजा करने की अनुमति है, जबकि मुस्लिमों को शुक्रवार को जुमे की नमाज पढ़ने की इजाजत है। लेकिन बसंत पंचमी के दिन हिंदुओं को विशेष रूप से पूजा की अनुमति है। इस साल बसंत पंचमी शुक्रवार को होने से दोनों पक्षों के दावे टकरा रहे हैं। हिंदू पक्ष का कहना है कि बसंत पंचमी साल में एक बार आती है, इसलिए पूरे दिन पूजा होनी चाहिए। वहीं, मुस्लिम पक्ष का तर्क है कि वे कम संख्या में ही सही, लेकिन नमाज पढ़ेंगे।
हाईकोर्ट का आदेश क्या कहता है?
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने भोजशाला को लेकर स्पष्ट आदेश दिए हैं:हिंदुओं को हर मंगलवार को पूजा करने की अनुमति।
बसंत पंचमी के दिन भी हिंदुओं को पूजा की इजाजत।
मुस्लिम पक्ष को हर शुक्रवार जुमे की नमाज पढ़ने की अनुमति, लेकिन दोपहर 1 से 3 बजे तक ही।
अगर बसंत पंचमी शुक्रवार को पड़ती है, तो टाइम टेबल इस प्रकार है:
सरस्वती पूजा: सूर्योदय से दोपहर 1 बजे तक, और फिर दोपहर 3:30 बजे से सूर्यास्त तक।
जुमे की नमाज: दोपहर 1 से 3 बजे तक।
आखिर क्या कह रहे हैं दोनों पक्ष?
हिंदू पक्ष पूजा की तैयारियों में जुटा हुआ है। उन्होंने भोजशाला में भगवा झंडे लगा दिए हैं और पूरे दिन अखंड पूजा, यज्ञ, पाठ और पूर्णाहुति की योजना बनाई है। मंगलवार को सैकड़ों लोगों ने हनुमान चालीसा का पाठ किया, शंख बजे, झाल-मजीरा बजे और जयकारे लगे। हिंदू समाज की महिलाएं आज घर-घर जाकर पीले चावल बांटेंगी और लोगों को बड़ी संख्या में भोजशाला आने के लिए आमंत्रित करेंगी। भोज उत्सव समिति के संरक्षक अशोक जैन ने कहा, ’23 तारीख को मां सरस्वती की पूजा के लिए भक्त भोजशाला जाएंगे।’ हिंदू पक्ष के लोगों ने कहा, ‘बसंत पंचमी के दिन अखंड पूजा होगी। सूर्योदय से सूर्यास्त तक पाठ होगा, मां सरस्वती की पूजा होगी, दिन भर यज्ञ चलेगा और शाम को पूर्णाहुति होगी।’ वहीं, मुस्लिम पक्ष भी पीछे हटने को तैयार नहीं है। कमाल मस्जिद के सदर जुल्फिकार पठान ने कहा, ‘हम कम संख्या में लोग पहुंचेंगे और नमाज पढ़ेंगे। हिंदू पक्ष बड़ा दिल दिखाए और दो घंटे नमाज होने दे।’
सुरक्षा के किए गए हैं पुख्ता इंतजाम
विवाद बढ़ने की आशंका को देखते हुए पुलिस-प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। भोजशाला को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। सुरक्षा के मुख्य इंतजाम इस प्रकार हैं:
8000 से ज्यादा जवानों की तैनाती।
200 से ज्यादा CCTV कैमरे लगाए गए।
हर गली की थ्री डी मैपिंग कराई गई।
22 से 27 जनवरी तक ड्रोन उड़ाने पर पाबंदी।
भोजशाला परिसर के 300 मीटर एरिया को नो फ्लाई जोन घोषित किया गया।
इलाके में पुलिस फ्लैग मार्च कर रही है। इंदौर के आईजी अनुराग ने कहा, ‘हमने पुख्ता इंतजाम कर लिए हैं। स्थिति न बिगड़े, इसके लिए चप्पे-चप्पे की निगरानी की जा रही है।’ प्रशासन का कहना है कि शांति बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं, और चप्पे-चप्पे की निगरानी की जा रही है।

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