कावर पैदल
दिनांक 01 जनवरी
नेपाल के जनकपुर अत्रा से आस्था, संकल्प और भक्ति की एक असाधारण यात्रा ने सबका ध्यान खींच लिया है। नितेश कुमार यादव नामक युवक ने 01 जनवरी को कावर पैदल यात्रा का शुभारंभ किया, जो सीधे प्रयागराज महाकुंभ और उसके बाद वृन्दावन तक जाएगी। यह यात्रा केवल दूरी तय करने का नाम नहीं, बल्कि आस्था की वह मिसाल है जिसने रास्ते भर लोगों को भावुक कर दिया है।
कठोर ठंड, अनजान रास्ते, लगातार पैदल चलने की चुनौती और सीमाओं को पार करने के बावजूद नितेश कुमार यादव के हौसले में कोई कमी नहीं दिखी। नेपाल से भारत की इस लंबी यात्रा के दौरान उन्होंने कावर के साथ पैदल चलते हुए शिव भक्ति और सनातन आस्था का संदेश दिया। हर कदम के साथ उनका संकल्प और मजबूत होता गया।
प्रयागराज महाकुंभ पहुंचने की उनकी मंशा केवल स्नान तक सीमित नहीं है, बल्कि वे इसे आत्मशुद्धि और लोककल्याण से जोड़कर देख रहे हैं। इसके बाद वृन्दावन पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण की नगरी में दर्शन और साधना का संकल्प भी इस यात्रा का अहम हिस्सा है।
रास्ते में जहां-जहां से नितेश कुमार यादव गुजरे, वहां लोगों ने उनकी भक्ति और साहस को सलाम किया। कई स्थानों पर स्थानीय लोगों ने जलपान और विश्राम की व्यवस्था कर उनका उत्साह बढ़ाया। ग्रामीण इलाकों से लेकर कस्बों तक, उनकी यात्रा चर्चा का विषय बनी हुई है।
यह कावर पैदल यात्रा न सिर्फ धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि युवाओं के लिए एक प्रेरणा भी है कि सच्चे विश्वास और दृढ़ निश्चय के साथ असंभव लगने वाली राहें भी आसान हो जाती हैं। नेपाल से प्रयागराज और वृन्दावन तक की यह यात्रा आने वाले दिनों में भक्ति, तपस्या और संकल्प की एक मिसाल के रूप में याद की जाएगी।
