रानीपुर, हरिद्वार | 11 फरवरी 2026
रानीपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जमालपुर खुर्द में पारिवारिक विवाद ने उस समय गंभीर और हिंसक रूप ले लिया, जब एक युवक पर कथित रूप से लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला कर उसे जान से मारने की कोशिश की गई। पीड़ित जावेद पुत्र इकराम ने इस संबंध में चौकी गैस प्लांट, थाना रानीपुर में लिखित शिकायत देकर ससुराल पक्ष के कई लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
लंच के दौरान शुरू हुआ विवाद
पीड़ित जावेद के अनुसार, वह राम वाटिका कॉलोनी में कार्य करता है। 10 फरवरी 2026 को दोपहर लगभग 1:00 बजे वह अपने कार्यस्थल से भोजन करने घर लौटा था। आरोप है कि घर पहुंचने पर उसकी पत्नी तरन्नुम ने उसे खाना देने से मना कर दिया और गाली-गलौज शुरू कर दी। जावेद का कहना है कि मामूली कहासुनी देखते ही देखते बड़े विवाद में बदल गई।
ससुराल पक्ष पर हमला करने का आरोप
जावेद का आरोप है कि विवाद के कुछ ही समय बाद उसके ससुराल पक्ष के लोग—महताब, साजिदा, सदिया, आशा, आफताब और तालिब (सभी निवासी जमालपुर खुर्द)—मौके पर पहुंच गए। शिकायत के अनुसार, इन सभी ने मिलकर उसके साथ अभद्र व्यवहार किया और मारपीट शुरू कर दी।
पीड़ित का दावा है कि महताब ने उसके सिर पर लाठी से कई बार वार किया, जबकि अन्य लोगों ने अपने मकान की छत से उस पर पत्थर फेंके। इस हमले में जावेद के सिर पर गंभीर और गहरी चोटें आईं। जावेद का कहना है कि हमला जान से मारने की नीयत से किया गया था।
घायल अवस्था में पहुंचा पुलिस चौकी
घटना के बाद जावेद किसी तरह वहां से जान बचाकर निकला और इलाज कराने के बाद गैस प्लांट चौकी पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। उसने आरोपितों के खिलाफ जानलेवा हमले सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल
मामले ने उस समय नया मोड़ ले लिया जब जावेद और उसके परिजनों ने आरोप लगाया कि शिकायत दर्ज कराने के बावजूद पुलिस ने निष्पक्ष कार्रवाई करने के बजाय जावेद को ही हिरासत में ले लिया। परिजनों का कहना है कि जावेद के ससुराल पक्ष द्वारा पहले भी कई बार मारपीट और जानलेवा हमले किए जा चुके हैं, लेकिन इस बार भी कार्रवाई के बजाय पीड़ित को ही बंद कर दिया गया।
परिवार का आरोप है कि ससुराल पक्ष के लोग लगातार जावेद और उसके परिजनों को धमका रहे हैं तथा झूठे मामलों में फंसाने की कोशिश कर रहे हैं।
पुलिस का पक्ष
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और दोनों पक्षों की शिकायतों को संज्ञान में लिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, मेडिकल रिपोर्ट और गवाहों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने कहा कि तथ्यों की जांच के बाद ही उचित कानूनी धाराएं लगाई जाएंगी।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
स्थानीय निवासियों के अनुसार, जावेद और उसके ससुराल पक्ष के बीच पारिवारिक विवाद लंबे समय से चल रहा था, लेकिन मामला इस स्तर तक पहुंच जाएगा, इसकी किसी को उम्मीद नहीं थी। इलाके में इस घटना को लेकर चर्चा का माहौल है।
कानूनी पहलू
यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो मामला जान से मारने की कोशिश, मारपीट, धमकी और बलवा जैसी गंभीर धाराओं के अंतर्गत दर्ज हो सकता है। हालांकि अंतिम निर्णय पुलिस जांच और मेडिकल साक्ष्यों पर निर्भर करेगा।
फिलहाल पुलिस जांच जारी है और दोनों पक्षों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय लोगों की नजरें अब पुलिस की निष्पक्ष कार्रवाई पर टिकी हैं।
