बहराइच। उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के रूपईडीहा थाना क्षेत्र के नव्वा गांव में एक दलित महिला के साथ कथित अभद्रता और धमकी का मामला सामने आया है। आरोप है कि पैसे के लेन-देन के विवाद में गांव के ही दो दबंगों ने बाजार जा रही महिला को रोककर जातिसूचक गालियां दीं, धक्का देकर गिरा दिया और उसके बेटे को जान से मारने की धमकी दी। घटना के बाद महिला की हालत बिगड़ गई और वह बेहोश हो गई। पीड़ित परिवार का आरोप है कि अब मामले को दबाने और समझौता कराने के लिए उन पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है।
पीड़िता रामकली, जो चमारन पुरवा नव्वा गांव की रहने वाली हैं, ने मुख्यमंत्री को भेजे गए प्रार्थना पत्र में बताया कि 9 अप्रैल 2026 की शाम करीब साढ़े चार बजे वह गांव के बाजार जा रही थीं। उनके साथ उनके दो छोटे बच्चे अजीत कुमार (11 वर्ष) और प्रियंका (8 वर्ष) भी मौजूद थे। आरोप है कि देवरा शराब भट्ठी के पास गांव के ही लोकनाथ यादव उर्फ लाला और लक्ष्मी नारायण ने उन्हें रोक लिया और गाली-गलौज शुरू कर दी।
पीड़िता के मुताबिक दोनों आरोपियों ने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए उन्हें अपमानित किया और कहा कि उनके बेटे रामनरेश ने जो पैसा उधार लिया है उसका ब्याज तुरंत दिलवाया जाए। आरोप है कि दबंगों ने यह भी धमकी दी कि अगर पैसा नहीं मिला तो वे रामनरेश को मारकर चौराहे पर लटका देंगे। इसी दौरान आरोपियों ने महिला को धक्का दे दिया, जिससे वह सड़क पर गिर पड़ीं।
घटना को देख महिला के दोनों बच्चे घबरा गए और रोने लगे। बताया जा रहा है कि गिरने के बाद महिला की तबीयत अचानक बिगड़ गई और उन्हें दिल का दौरा पड़ गया, जिससे वह बेहोश हो गईं। बच्चों द्वारा पानी डालने और शोर मचाने के बाद कुछ देर में उन्हें होश आया, लेकिन तब तक आरोपी मौके से फरार हो चुके थे।
पीड़ित परिवार का कहना है कि इस घटना के बाद उन्होंने न्याय की मांग को लेकर अधिकारियों को प्रार्थना पत्र दिया। हालांकि बाद में दोनों पक्षों के बीच पैसे के लेन-देन को लेकर पंचायत में बातचीत भी हुई। बताया गया कि रामकली के बेटे रामनरेश ने कुछ महीने पहले लगभग 20 हजार रुपये उधार लिए थे पीढ़ी राम नरेश ने 1 साल पहले ही 20000 के 27 000 वापस कर चुके हैं लेकिन उसके बाद भी विपक्षी लोग थाने का सहारा लेकर और घुस के बल पर बोल रहे हैं कि तुमने हमें पैसे वापस नहीं किए हैं और दोबारा पैसे इतना चाह रहे हैं जिससे पीड़ित परिवार की महिलाएं घर से बाहर जहां कहीं भी जाती है तो उनसे छेड़छाड़ कर अभद्र भाषा का प्रयोग कर धमकी दी जाती है और इसी लेन-देन को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था। पंचायत में यह तय किया गया कि आगे से लोकनाथ यादव और लक्ष्मी नारायण रामकली और उसके परिवार को न तो धमकी देंगे और न ही किसी प्रकार की अभद्र भाषा का प्रयोग करेंगे।
लेकिन पीड़ित परिवार का आरोप है कि इसके बावजूद उन पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है कि वे अपने दिए गए प्रार्थना पत्र को वापस ले लें और मामले को पूरी तरह से सुलझा हुआ घोषित कर दें। परिवार का कहना है कि गांव के प्रभावशाली लोग और विपक्षी पक्ष पैसा खर्च कर मामले को दबाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि गरीब होने की वजह से उनकी कहीं भी ठीक से सुनवाई नहीं हो रही है।
पीड़ित परिवार ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए और उन्हें न्याय दिलाया जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि यह मामला सोशल मीडिया के माध्यम से भी उठाया जा रहा है ताकि प्रशासन तक उनकी आवाज पहुंच सके और उन्हें सुरक्षा व न्याय मिल सके।
