बीजेपी अब केवल ‘हिंदी बेल्ट’ तक सीमित पार्टी नहीं रही है और अब देश के अधिकांश हिस्सों में उसकी मजबूत मौजूदगी है। रिपोर्ट के मुताबिक, हिंदी क्षेत्रों की विधानसभाओं में 60.4% सीट शेयर है, जबकि गैर-हिंदी पश्चिम में 55.1% और पूर्व में 52.6% है।नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी को लंबे समय तक ‘हिंदी बेल्ट की पार्टी’ कहा जाता रहा है, लेकिन पिछले कुछ सालों में पार्टी का प्रदर्शन देखें तो अब यह टैग फिट नहीं बैठता। अब बीजेपी की पकड़ केवल हिंदी भाषी राज्यों तक सीमित नहीं रही, बल्कि देश के लगभग हर हिस्से में इसका प्रभाव बढ़ा है। आज देश में बीजेपी के 17 मुख्यमंत्री हैं। इसके अलावा NDA/NEDA गठबंधन के सहयोगियों के साथ मिलकर पार्टी 5 अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भी सत्ता में है। बीजेपी की यह स्थिति बताती है कि पार्टी अब केवल एक क्षेत्रीय पहचान तक सीमित नहीं रही, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक राजनीतिक शक्ति बन चुकी है।हिंदी और गैर-हिंदी राज्यों में मजबूत पकड़
झारखंड और हिमाचल प्रदेश को छोड़कर बीजेपी आज भारत के सभी हिंदी भाषी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सत्ता में है। इसके साथ ही पार्टी ने गैर-हिंदी भाषी राज्यों में भी मजबूत उपस्थिति दर्ज की है:
पूर्वी भारत में: असम, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में बीजेपी या उसके नेतृत्व में सरकार
पश्चिमी भारत में: महाराष्ट्र, गुजरात और गोवा में सरकार
दक्षिण भारत में: कर्नाटक में कई बार सरकार रही और अब आंध्र प्रदेश में सत्तारूढ़ पार्टी के साथ गठबंधन में है
2014 के बाद गैर-हिंदी राज्यों में विस्तार
ओडिशा, पश्चिम बंगाल और असम जैसे गैर-हिंदी राज्यों में बीजेपी की सफलता 2014 के बाद तेजी से बढ़ी है। कुछ राज्यों में, जैसे महाराष्ट्र और असम में बीजेपी ने अपने क्षेत्रीय सहयोगियों से आगे बढ़कर खुद को बड़े गठबंधन सहयोगी के रूप में स्थापित किया है। ऐसे में बीजेपी को अब केवल जनसंघ के पुराने स्वरूप की तरह ‘हिंदी बेल्ट पार्टी’ कहना वास्तविकता को नजरअंदाज करना होगा। आज बीजेपी की सियासी पहुंच देश के हर हिस्से में फैल चुकी है और यह एक अखिल भारतीय पार्टी के रूप में उभर चुकी है।किस क्षेत्र की विधानसभा में कितना सीट शेयर?
रिपोर्ट में विभिन्न क्षेत्रों की विधानसभाओं में बीजेपी के सीट शेयर का विश्लेषण भी दिया गया है:
क्षेत्र शीट शेयर
हिंदी क्षेत्र 60.4% सीट शेयर
गैर-हिंदी पश्चिम 55.1% सीट शेयर
गैर-हिंदी पूर्व 52.6% सीट शेयर
गैर-हिंदी उत्तर 15.0% सीट शेयर
गैर-हिंदी दक्षिण 10.1% सीट शेयर
धीरे-धीरे राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत पार्टी बनी बीजेपी
आंकड़ों को देखकर साफ होता है कि बीजेपी की सबसे मजबूत पकड़ अभी भी हिंदी भाषी क्षेत्रों में है, लेकिन गैर-हिंदी पश्चिम और पूर्वी भारत में भी उसका प्रदर्शन काफी मजबूत होता जा रहा है। हालांकि दक्षिण भारत और कुछ गैर-हिंदी उत्तरी राज्यों में पार्टी अभी भी अपेक्षाकृत कमजोर है, लेकिन वहां भी उसकी मौजूदगी धीरे-धीरे बढ़ रही है। कुल मिलाकर बीजेपी अब केवल हिंदी बेल्ट तक सीमित पार्टी नहीं रही, बल्कि धीरे-धीरे एक राष्ट्रीय स्तर की मजबूत राजनीतिक ताकत बन चुकी है, जिसकी मौजूदगी भारत के लगभग हर क्षेत्र में दिखाई देती है।
