8.6 C
Munich
Saturday, May 16, 2026

ड्रोन वॉरफेयर के लिए खुद को तेजी से मजबूत कर रहा भारत, उन ड्रोन्स के बारे में जानें जो हैं दुश्मन के काल!

Must read

अब पारंपरिक हथियारों से आगे बढ़कर भारत, हाई-टेक ड्रोन वॉरफेयर के लिए तैयारी की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारतीय सेनाएं भविष्य में होने वाले मॉडर्न वॉरफेयर के लिए खुद को तेजी के साथ तैयार कर रही हैं।भारत ड्रोन वॉरफेयर की दिशा में खुद को तेजी से मजबूत करने लिए अपनी सैन्य ताकत को बढ़ा रहा है। भारतीय फौज, एयरफोर्स और नेवी साथ मिलकर भविष्य की जंग के लिए एक मल्टी-लेयर ड्रोन इकोसिस्टम को तैयार कर रही हैं। मॉडर्न वॉरफेयर में ड्रोन अब महज निगरानी तक सीमित नहीं होते हैं, बल्कि सटीक अटैक, हाई-रिस्क मिशनों और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं। एयर चीफ मार्शल A. P. Singh ने भी स्पष्ट कहा है कि आने वाले वक्त में ड्रोन वॉर की दिशा और नतीजे को तय करेंगे।

बेड़े में शामिल हो रहे नैनो ड्रोन से लेकर लॉन्ग-एंड्योरेंस ड्रोन
इंडियन आर्मी इस वक्त नैनो ड्रोन, मीडियम सर्विलांस UAV, टैक्टिकल ड्रोन, कामिकाजे ड्रोन और लॉन्ग-एंड्योरेंस ड्रोन जैसे कई एडवांस प्लेटफॉर्म को अपने बेड़े में शामिल कर रही है। इनका प्रयोग सर्विलांस, टारगेट ट्रैकिंग, बॉर्डर मॉनिटरिंग, प्रिसिजन स्ट्राइक और एंटी-टेरर ऑपरेशन में किया जा रहा है।दुश्मन पर निगरानी और सटीक हमला करने वाले ड्रोन
भारतीय सुरक्षा बलों के पास जो सबसे ताकतवर ड्रोन हैं, उनमें MQ-9 रीपर शामिल हैं, जो लंबी दूरी तक नजर रखने और सटीक हमला करने की ताकत रखते हैं। वहीं, स्वदेशी नागास्त्र ड्रोन को शत्रुओं के ठिकानों पर आत्मघाती अटैक के लिए बनाया गया है। साथ ही, Harop और Harp ड्रोन दुश्मन के रडार और एयर डिफेंस सिस्टम को तबाह करने में एक्सपर्ट माने जाते हैं।FPV और कामिकाजे ड्रोन Asymmetric Warfare में हैं प्रभावी
इसके अलावा, Heron Mark-2 और Switch UAV जैसे एडवांस ड्रोन पहाड़ी और संवेदनशील क्षेत्रों में रियल टाइम इंटेलिजेंस जुटाने में बड़ा रोल निभा रहे हैं। भारतीय फौज, अब फ्रंटलाइन के अभियानों में छोटे FPV और कामिकाजे ड्रोन का भी इस्तेमाल कर रही है, जो Asymmetric Warfare में बहुत प्रभावी हैं।गौरतलब है कि भारत, पारंपरिक युद्ध प्रणाली से आगे बढ़कर अब टेक्नोलॉजी बेस्ड ड्रोन वॉरफेयर मॉडल की ओर तेजी से अपने कदम बढ़ा रहा है। आने वाले वक्त में ड्रोन, मिसाइल, आर्टिलरी, नौसैनिक हथियारों और फाइटर जेट के साथ मिलकर एक इंटीग्रेटेड कॉम्बैट नेटवर्क का भाग बनेंगे।

- Advertisement -spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

Latest article