मिर्जापुर मजरा मस्तेमऊ गजरिया फार्म लखनऊ इलाके से एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है, जहां पति की मौत के बाद एक महिला अपने ही बच्चों और अधिकारों के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हो गई है। पीड़िता सोनम ने एसीएल चौकी में लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया है कि उसके पति की संदिग्ध सड़क हादसे में मौत के बाद ससुराल पक्ष ने उसे घर से निकाल दिया और अब बच्चों से मिलने तक नहीं दिया जा रहा है।
मिर्जापुर मजरा मस्तेमऊ गजरिया फार्म लखनऊ निवासी सोनम पत्नी स्वर्गीय विश्राम ने पुलिस को दिए शिकायती पत्र में बताया कि उसके पति की 20 अक्टूबर 2025 को एक्सीडेंट में मौत हो गई थी। पति की मौत के बाद से ही ससुराल पक्ष का व्यवहार पूरी तरह बदल गया। महिला का आरोप है कि उसकी सास और ननद ने उसे घर में रहने से रोक दिया और उसके तीनों बच्चों को उससे दूर कर दिया।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि जब भी वह अपने बच्चों से मिलने या उन्हें वापस लेने ससुराल पहुंचती है, तो उसे अपमानित कर भगा दिया जाता है। इतना ही नहीं, जान से मारने की धमकियां भी दी जा रही हैं। महिला का कहना है कि उसे डर है कि जिस तरह उसके पति की मौत हुई, उसी तरह उसके बच्चों को भी नुकसान पहुंचाया जा सकता है।
सोनम ने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया कि उसकी सास और ननद के अवैध संबंध हैं और संपत्ति विवाद के कारण उसे जानबूझकर बदनाम किया जा रहा है। महिला का दावा है कि उससे जबरन कुछ कागजों पर साइन कराए गए। विरोध करने पर बच्चों को मारने की धमकी दी गई।
पीड़िता ने पुलिस प्रशासन से गुहार लगाई है कि उसे उसके बच्चों, संपत्ति और वैधानिक अधिकार वापस दिलाए जाएं। महिला ने कहा कि उसके पास अब रहने तक की जगह नहीं बची है और वह लगातार मानसिक प्रताड़ना झेल रही है।
फिलहाल पुलिस ने मामले की शिकायत प्राप्त कर जांच शुरू कर दी है। इलाके में इस घटना को लेकर चर्चा का माहौल है और लोग विधवा महिला के साथ हो रहे व्यवहार को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
