जौनपुर जिले के बक्सा थाना क्षेत्र के रसोदिया गांव में सरकारी जलखाता भूमि और तालाब पर अवैध कब्जे का गंभीर मामला सामने आया है। गांव निवासी अरुण यादव ने आरोप लगाया है कि प्रभावशाली लोगों द्वारा सरकारी तालाब की जमीन पर कब्जा कर प्लाटिंग और निर्माण कराया जा रहा है, लेकिन शिकायतों के बावजूद प्रशासन कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा।
पीड़ित अरुण यादव ने मुख्यमंत्री कार्यालय सहित कई प्रशासनिक अधिकारियों को लिखित शिकायत देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि गांव के उदयराज, विजय राज, देवराज और अभयराज द्वारा सरकारी जलखाता भूमि पर कब्जा किया गया है और वहां जबरदस्ती निर्माण कार्य कराया जा रहा है।
अरुण यादव का कहना है कि इस मामले में पहले लेखपाल धीरेंद्र प्रताप ने अपनी रिपोर्ट में जमीन को तालाब की भूमि बताया था, लेकिन बाद में हल्का पटवारी शैलेंद्र श्रीवास्तव द्वारा कथित रूप से रिश्वत लेकर रिपोर्ट बदल दी गई और कब्जाधारियों के पक्ष में कार्रवाई की जा रही है। शिकायत में ग्राम प्रधान सुभाष चंद्र यादव पर भी मिलीभगत के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी तालाब की जमीन को कब्जा मुक्त कराने के बजाय दबंगों को संरक्षण दिया जा रहा है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि विवादित भूमि को लेकर पहले से मुकदमा दर्ज है, इसके बावजूद जबरन रास्ता निकालने और मकान निर्माण का प्रयास लगातार जारी है।
गांव के लोगों में इस पूरे मामले को लेकर भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि सरकारी तालाब और जलखाता भूमि पर इसी तरह कब्जा होता रहा तो आने वाले समय में गांव में जल संकट और बड़े विवाद की स्थिति पैदा हो सकती है।
पीड़ित अरुण यादव ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि मामले की उच्चस्तरीय जांच कराकर सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराया जाए तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
