भोपाल मध्य प्रदेश में फर्जी डॉक्टरों पर 09 डॉक्टरो के ऊपर एफआईआर दर्ज हुई है डॉक्टरो के ऊपर एफ आई आर होने पर ये सिस्टम नहीं रुकेगा मेन गुनहगार स्वास्थ्य चिकित्सालय के सी एम एच ओ रहते हैं इन लोगों के ऊपर एफआईआर दर्ज होनी चाहिए पुलिस प्रशासन स्वास्थ्य चिकित्सालय के सीएमएचओ डॉक्टर लोग इन लोगों को भी गिरफ्तार करें अपने सिस्टम में कमी है तब जाकर फर्जी डॉक्टरों के ऊपर अंकुश लग सकता है भोपाल में 09 फर्जी डॉक्टरों के ऊपर एफआईआर दर्ज हुई है जिसमें दो डॉक्टर महिला फर्जी मुख्य आरोपी मुकेश चौधरी अभी फरार है भोपाल पुलिस इसके अलावा दमोह पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है उसके सभी ठिकानों पर पुलिस ने जाल बिछा रखा है फोन की लोकेशन ट्रेस करने की कोशिश की जा रही है दमोह का पुलिस अधीक्षक दावा किया है जल्द ही आरोपी को पकड़ लिया जाएगा दमोह जिले में मिशन हॉस्पिटल में पिछले साल एक नरेंद्र यादव फर्जी डॉक्टर बनकर कई मरीजों का इलाज किया जिसमें 07 मरीजों की मृत्यु हो गई जब उनके परिजनों को पता पड़ा जो डॉक्टर अपने को एन जोन केन बता कर मरीजों का इलाज करता रहा उसके पास फर्जी डिग्री रही जब लोगों को पता पड़ा कि यह डॉक्टर नहीं है जो अपने को एन जोन केन बताता है इसका असली नाम नरेंद्र यादव है जब हंगामा हुआ प्रशासन स्वास्थ्य चिकित्सालय हरकत में आए स्वास्थ्य चिकित्सालय के बिना सहमति से फर्जी डॉक्टर लोग फलते-फूलते नहीं स्वास्थ्य चिकित्सालय के जो सीएमएचओ रहते हैं उनको हर माह फर्जी डॉक्टरों के तरफ से पैसा मिलता है स्वास्थ्य चिकित्सालय सीएमएचओ का महीना बधा रहता है शहडोल मध्य प्रदेश में श्री राम हेल्थ केयर सेंटर उस हॉस्पिटल में फर्जी डॉक्टर लोग इलाज नहीं करते हैं उस हॉस्पिटल में कंपाउंडर इलाज करते हैं अभी 6 महीने पहले एक पेशेंट कमलेश जैन को श्री राम हेल्थ केयर सेंटर हॉस्पिटल में एडमिट किया गया कुछ देर बाद कमलेश जैन की मृत्यु हो गई जब उनके परिजनों को पता पड़ा कि यह कोई डॉक्टर नहीं है ये कंपाउंडर है इनके पहले इसी श्री राम हेल्थ केयर सेंटर हॉस्पिटल में पेशेंट लोग डायलिसिस करवाते रहे कई पेशंटों की मृत्यु हो गई जो डायलिसिस करता रहा गणेश कुशवाहा वे योग्य व्यक्ति नहीं रहा उसके पास डायलिसिस करने का कोई ज्ञान नहीं रहा और कोई डिग्री भी नहीं रही इस हॉस्पिटल की कई जगह शिकायतें की राजेश कुमार विशन दासानी ने जिला प्रशासन को स्वास्थ्य मंत्रालय नई दिल्ली स्वास्थ्य मंत्रालय भोपाल उसके बाद भी श्रीराम हेल्थ केयर सेंटर हॉस्पिटल के ऊपर कोई जांच नहीं हुई और कोई कार्यवाही भी नहीं हुई राजेश कुमार बिशनदासानी माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर में याचिका लगाया माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर से आदेश हुआ स्वास्थ्य चिकित्सालय सीएमएचओ शहडोल को इस हॉस्पिटल की जांच की जाए उस समय एम एस सागर स्वास्थ्य चिकित्सालय का सीएमएचओ रहा श्रीराम हॉस्पिटल को बचाने के लिए सीएमएचओ एम एस सागर अपने स्टाफ गोपी लाल की डिग्री लगाकर झूठी रिपोर्ट बनाया शिकायतकर्ता जिन्होंने माननीय उच्च न्यायालय में याचिका लगाया ना उसको सूचित किया गया ना उसका कोई कथन हुआ और ना ही कोई बयान हुआ डॉक्टर भूपेंद्र सिंह सेंगर माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर में झूठा एफिडेविट झूठी रिपोर्ट जाकर पेश किए गोपी लाल आकर शिकायतकर्ता से मिलता है और बोलता है कि मैं श्री राम हेल्थ केयर सेंटर हॉस्पिटल में 2021 फरवरी से डायलिसिस का काम करना शुरू किया हूं जो गोपी लाल बोला है उसकी वीडियो बनी है सोशल मीडिया न्यूज़ में गोपी लाल की वीडियो एक साल से चल रही है स्वास्थ्य चिकित्सालय सीएमएचओ और डॉक्टर लोगों का मंथली बंधा रहता है हर महीना पैसा मिलता है प्राइवेट हॉस्पिटलों से तो फर्जी डॉक्टर इलाज करें चाहे कंपाउंडर इलाज करें स्वास्थ्य चिकित्सालय सीएमएचओ एम एस सागर को पता है कि हमारा मंथली बधा है मरीज मरे चाहे आम आदमी लोग मरे स्वास्थ्य चिकित्सालय सी एम एच ओ को क्या फर्क पडना है अभी भोपाल में 09 फर्जी डॉक्टरों के ऊपर एफआईआर दर्ज हुई है इन लोगों के ऊपर तो हो गई मेन अपराधी स्वास्थ्य चिकित्सालय सीएमएचओ डॉक्टर ये लोग रहते हैं इन लोगों के ऊपर एफ आई आर होना चाहिए पूर्व सीएमएचओ एम एस सागर और डॉक्टर भूपेंद्र सिंह सेगर इन लोगों को गिरफ्तार करके प्रशासन और पुलिस तब फर्जी डॉक्टर जो इलाज करते हैं तब जाकर कुछ अंकुश लग सकता है
भोपाल मध्य प्रदेश में फर्जी डॉक्टरों पर 09 डॉक्टरो के ऊपर एफआईआर दर्ज हुई है
