बिहार के बिंदा पंचायत के किसान मूंग की अच्छी पैदावार के बावजूद उचित मूल्य न मिलने से आर्थिक संकट में हैं। व्यापारियों द्वारा कम दाम पर फसल खरीदने से उन्हें नुकसान हो रहा है, जिससे वे समर्थन मूल्य की मांग कर रहे हैं।
पंचायत सूत्र जागरण, बिंदा (गयाजी)। प्रखंड क्षेत्र के बिंदा पंचायत सहित आसपास के कई गांवों के किसान इन दिनों मूंग की फसल का उचित मूल्य नहीं मिलने से परेशान हैं। किसानों का कहना है कि अच्छी पैदावार होने के बावजूद व्यापारियों द्वारा फसल का वाजिब दाम नहीं दिया जा रहा है।
इसके चलते किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। बाजार में कीमत कम मिलने से उनकी चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।
अच्छी गुणवत्ता के बावजूद नहीं मिल रहा बेहतर दाम
किसानों के अनुसार इस वर्ष मूंग की फसल की गुणवत्ता बेहतर रही है। समय पर हुई बारिश के कारण उत्पादन पर कोई विशेष असर नहीं पड़ा और उपज भी संतोषजनक हुई।
इसके बावजूद बाजार में व्यापारियों द्वारा कम कीमत पर खरीदारी की जा रही है। मजबूरी में किसानों को अपनी उपज औने-पौने दाम पर बेचनी पड़ रही है।
धान की खेती के लिए चाहिए तत्काल पूंजी
किसान कल्लू पासवान ने बताया कि खरीफ सीजन की खेती शुरू होने वाली है। धान का बीज, रासायनिक खाद, जुताई और अन्य कृषि कार्यों के लिए तत्काल पूंजी की आवश्यकता होती है।
उन्होंने कहा कि किसान मूंग की फसल बेचकर ही अगली फसल की तैयारी करते हैं। ऐसे में उचित मूल्य नहीं मिलने से लागत निकालना भी मुश्किल हो गया है।
आर्थिक दबाव में उपज रोक नहीं पा रहे किसान
किसान राजू यादव ने बताया कि आर्थिक दबाव के कारण किसान अपनी उपज को लंबे समय तक रोककर नहीं रख सकते। खेती की निरंतरता बनाए रखने के लिए उन्हें फसल बेचनी ही पड़ती है।
उन्होंने कहा कि यदि समय पर पूंजी की व्यवस्था नहीं हो सके तो धान की खेती प्रभावित होने का खतरा बढ़ जाता है, जिससे किसानों की परेशानी और बढ़ सकती है।
समर्थन मूल्य लागू करने की मांग
किसानों ने प्रशासन से मूंग की फसल के लिए उचित समर्थन मूल्य सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि सरकार को ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए जिससे किसानों को उनकी उपज का न्यायसंगत मूल्य मिल सके।
किसानों का मानना है कि यदि समय पर उचित दाम नहीं मिला तो उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ेगा और आगामी खेती पर भी इसका असर पड़ सकता है।
