32.1 C
Munich
Tuesday, June 23, 2026

‘एकनाथ शिंदे का अहंकार मुश्किल में डाल देगा’, उद्धव ठाकरे ने सामना में फडणवीस को दी चेतावनी

Must read

शिवसेना (यूबीटी) के मुखपत्र सामना ने 6 सांसदों के शिंदे गुट में शामिल होने पर तीखा संपादकीय छापा, जिसमें एकनाथ शिंदे के अहंकार और फडणवीस-शिंदे पर निशा …और पढ़ें

डिजिटल डेस्क, मुंबई। शिवसेना (यूबीटी) के 9 में से 6 सांसदों ने पाला बदलकर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना का दामन थाम लिया। शिंदे की मौजूदगी में ये 6 सांसद उनकी पार्टी में शामिल हुए। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर उद्धव ठाकरे की शिवसेना के मुखपत्र सामना ने तीखा और व्यंगात्मक संपादकीय छापा।

इस लेख में 2022 में बगावत करने वाले शिंदे पर निशाना साधा गया और कहा गया कि उन्होंने महाराष्ट्र की भलाई के बजाय अपने निजी और राजनीतिक फायदे को प्रथामिकता दी। 2022 में शिंदे ने कुछ विधायकों को साथ लेकर बीजेपी से गठबंधन किया था। इसके बाद पार्टी में फूट पड़ गई, जिसकी वजह से उद्धव ठाकरे को मुख्यमंत्री पद गंवाना पड़ा था।

लेख में दी गई फडणवीस को चेतावनी
संपादकीय में कहा गया, “शिंदे और (मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता देवेंद्र) फडणवीस के बीच भ्रष्ट गठजोड़ की वजह से महाराष्ट्र 25 साल पीछे चला गया है। राज्य की प्रतिष्ठा धूमिल हुई है।” साथ ही इसमें फडणवीस को शिंदे की महत्वाकांक्षाओं को लेकर चेतावनी भी दी गई।
इसमें आगे कहा गया, “शिंदे की राजनीति और पैसे की वजह से आया अहंकार आखिरकार फडणवीस को भी मुश्किल में डाल देगा। क्योंकि यह साफ हो गया है कि दिल्ली का एक गुट फडणवीस के खिलाफ खुलेआम उनका समर्थन कर रहा है। लेकिन, महाराष्ट्र के सामने मौजूद मुद्दों को नजरअंदाज करते हुए फडणवीस शिंदे के ‘काम’ (डिलीवरी) के बारे में बात करते हैं और मिठाइयां बांटते हैं।”

बता दें कि ‘मिठाई’ वाली टिप्पणी का मतलब था कि दिल्ली में बीजेपी के सीनियर नेताओं ने बागी सांसदों के पाला बदलने का जश्न मनाने के लिए जो मिठाइयां बांटीं, उनकी तुलना बच्चे के जन्म पर पिता द्वारा बांटी जाने वाली मिठाइयों से की गई।

‘6 गद्दार तैयार किए’
संपादकीय में कहा गया, “हां, उन्होंने ‘कर दिखाया’… उन्होंने छह गद्दार तैयार किए।” इसमें उन सांसदों का जिक्र किया गया जिन्होंने पाला बदला और शिंदे गुट व बीजेपी पर आरोप लगाया कि उन्होंने ऐसा करने के लिए उन्हें रिश्वत दी थी।

इसमें कहा गया, “यह कोई आम डिलीवरी नहीं थी… इसकी कामयाबी पक्की करने के लिए कम से कम 500 करोड़ रुपये खर्च किए गए।” यह बात ‘ऑपरेशन टाइगर’ के बारे में कही जा रही है जो शिंदे गुट की महीनों तक चली एक कथित रणनीति थी। इसका मकसद ठाकरे सेना के नेताओं को पाला बदलने के लिए मनाना था, ताकि राज्य में अपनी और संसद में गठबंधन की साथी बीजेपी की स्थिति मजबूत की जा सके।

पानी सप्लाई का मुद्दा उठाया
‘सामना’ के लेख में कहा गया, “धोखाधड़ी महाराष्ट्र की नई पहचान बन गई है।” ठाकरे सेना के मुखपत्र ने राज्य और राजधानी मुंबई के सामने बुनियादी ढांचे से जुड़ी गंभीर समस्याओं की ओर भी इशारा किया।

इसमें कहा गया, “मुंबई को पानी सप्लाई करने वाले सात बांधों में पानी का भंडार घटकर सिर्फ 8.5 प्रतिशत रह गया है। दूसरे इलाकों में भी पानी का भंडार सूख गया है। पानी की कटौती पहले ही शुरू हो चुकी है।”

लेख में चेतावनी दी गई, “लोग पहले से ही पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं, लेकिन छह गद्दारों के ‘फोटो-सेशन’ और शिंदे की ‘डिलीवरी’ की खबर का ढिंढोरा पीटने पर पैसे बर्बाद किए जा रहे हैं।”

नीट पेपर लीक मामले को लेकर कही ये बात
इसमें कहा गया है, “NEET पेपर लीक का मुद्दा भी एक बड़ी चिंता का विषय है।” ‘सामना’ ने आरोप लगाया कि “लीक का केंद्र महाराष्ट्र है और गिरफ्तार किए गए लोग बीजेपी से जुड़े हैं। महाराष्ट्र बीजेपी ने युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। विपक्ष को इस मुद्दे पर जवाबदेही की मांग करते हुए विधानसभा की कार्यवाही रोक देनी चाहिए।”

- Advertisement -spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

Latest article