पूर्णिया। बिहार के पूर्णिया जिले के रोहता थाना क्षेत्र अंतर्गत नया टोला आसियानी गांव के ग्रामीण आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करने को मजबूर हैं। गांव के निवासी मंटू कुमार ने आरोप लगाया है कि वर्षों से गांव तक जाने के लिए पक्की सड़क का निर्माण नहीं कराया गया है। हर साल बारिश और बाढ़ के दौरान पूरा इलाका जलमग्न हो जाता है, जिससे गांव का संपर्क बाहरी दुनिया से लगभग कट जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से कई बार गुहार लगाने के बावजूद आज तक उनकी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका।
मंटू कुमार के अनुसार बारिश शुरू होते ही गांव की गलियां और संपर्क मार्ग पानी में डूब जाते हैं। हालात ऐसे बन जाते हैं कि लोगों का घरों से बाहर निकलना तक मुश्किल हो जाता है। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है, मजदूर काम पर नहीं जा पाते और बीमार या गर्भवती महिलाओं को अस्पताल ले जाना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं रहता। कई बार ग्रामीणों को घुटनों तक पानी में चलकर मुख्य सड़क तक पहुंचना पड़ता है।
ग्रामीणों का कहना है कि हर वर्ष बाढ़ और जलभराव की यही तस्वीर सामने आती है, लेकिन जिम्मेदार विभाग केवल आश्वासन देकर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान लेते हैं। गांव में पक्की सड़क और जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से लोगों का दैनिक जीवन पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि विकास योजनाओं के दावे कागजों तक सीमित हैं, जबकि जमीनी स्तर पर हालात बद से बदतर बने हुए हैं।
मंटू कुमार ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि नया टोला आसियानी गांव तक शीघ्र पक्की सड़क का निर्माण कराया जाए तथा जल निकासी की समुचित व्यवस्था की जाए, ताकि बारिश और बाढ़ के समय ग्रामीणों को इस गंभीर समस्या से राहत मिल सके। उनका कहना है कि यदि समय रहते समाधान नहीं हुआ तो आने वाले मानसून में एक बार फिर पूरा गांव परेशानी के भंवर में फंस जाएगा।
अब ग्रामीणों की निगाहें जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर टिकी हैं। लोगों का कहना है कि यदि शीघ्र सड़क निर्माण और जल निकासी की व्यवस्था नहीं की गई तो हजारों ग्रामीणों को हर वर्ष की तरह इस बार भी जलभराव और आवागमन की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ेगा।
