आजमगढ़। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में शादी का झांसा देकर युवती के साथ दुष्कर्म करने के आरोप में गाजीपुर निवासी एक युवक की गिरफ्तारी के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। पुलिस ने आरोपी सूरज विश्वकर्मा को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया शुरू कर दी है, लेकिन पीड़िता का आरोप है कि गिरफ्तारी के बावजूद उसे अब तक वास्तविक न्याय नहीं मिला। उसका कहना है कि आरोपी ने पहले शादी का झूठा वादा कर दो वर्षों तक उसका शोषण किया और बाद में उसे धोखे में रखकर किसी अन्य युवती से विवाह कर लिया।
पुलिस के अनुसार, पीड़िता की लिखित तहरीर के आधार पर थाना देवगांव में सूरज विश्वकर्मा पुत्र चंद्रशेखर विश्वकर्मा, निवासी ग्राम मल्हौरा, जनपद गाजीपुर के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर दो वर्षों तक युवती के साथ दुष्कर्म किया। मामले में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (एससी/एसटी) अधिनियम सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उपनिरीक्षक हरिचंद यादव और उनकी टीम द्वारा आरोपी सूरज विश्वकर्मा को लालगंज क्षेत्र स्थित चिरकिहिट हाईवे से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि आरोपी के विरुद्ध आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
वहीं पीड़िता का आरोप है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद भी आरोपी लगातार उससे संपर्क करता रहा। उसका कहना है कि आरोपी ने दोबारा शादी का भरोसा देकर उसे केस वापस लेने के लिए गुमराह किया। पीड़िता का दावा है कि इसी दौरान आरोपी ने चुपचाप किसी अन्य युवती से विवाह कर लिया और उसे इसकी जानकारी तक नहीं दी।
पीड़िता का यह भी आरोप है कि जब वह न्याय की उम्मीद लेकर आरोपी के घर पहुंची तो उसके साथ अभद्र व्यवहार किया गया, गाली-गलौज कर उसे वहां से भगा दिया गया। उसका कहना है कि उसने कई बार प्रशासन से गुहार लगाई, लेकिन उसे अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी की वर्तमान पत्नी को भी उसके साथ चल रहे विवाद और मुकदमे की पूरी जानकारी थी, इसके बावजूद विवाह किया गया।
पीड़िता ने प्रशासन से मांग की है कि केवल गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर उसके साथ कथित धोखाधड़ी, दुष्कर्म और अन्य आरोपों में कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उसने कहा कि उसके सम्मान, भविष्य और विश्वास के साथ खिलवाड़ हुआ है, इसलिए उसे शीघ्र न्याय मिलना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि पीड़िता द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है। मामले में अंतिम निर्णय न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा
