बदायूं/शाहजहांपुर | विशेष रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के उसावां थाना क्षेत्र के ग्राम सेहा निवासी नरेंद्र यादव पिछले करीब डेढ़ साल से न्याय और सुरक्षा की गुहार लगा रहे हैं। नरेंद्र का आरोप है कि उनका साला इंद्रपाल यादव सोशल मीडिया पर खुद को “IPS” अधिकारी बताकर न केवल अवैध रूप से 6 लाख रुपये की मांग कर रहा है, बल्कि रकम न देने पर जान से मारने और पत्नी को विदा न करने की खुली धमकी भी दे रहा है। यह पूरा मामला अब न्यायालय और पुलिस की चौखट तक पहुंच चुका है, फिर भी पीड़ित खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है।
नरेंद्र यादव के अनुसार उनकी शादी 1 जून 2021 को ग्राम मौघटिया, थाना गढ़िया रंगीन, जिला शाहजहांपुर निवासी प्रीति यादव के साथ हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी। शादी के कुछ समय बाद से ही ससुराल पक्ष द्वारा आए दिन झगड़ा, मानसिक प्रताड़ना और दबाव बनाया जाने लगा, जिसे नरेंद्र ने परिवार बचाने के लिए सहन किया। वर्तमान में पति-पत्नी का मामला न्यायालय श्रीमान प्रधान न्यायाधीश (कुटुंब न्यायालय), बदायूं में वैवाहिक वाद संख्या 45/2025 के तहत विचाराधीन है, जिसमें नरेंद्र ने हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 9 के अंतर्गत याचिका दाखिल कर रखी है।
पीड़ित का आरोप है कि 12 सितंबर 2024 को सुबह करीब 11 बजे उनके ससुर पतपाल, इंद्रपाल यादव, बालेश्वर, शानू और चक्रपाल सहित कई लोग उनके घर पहुंचे और अचानक मारपीट शुरू कर दी। शोर मचाने पर गांव के लोग मौके पर पहुंचे, तब तक आरोपी नरेंद्र की पत्नी प्रीति और उसकी बेटी को जबरन गाड़ी में बैठाकर ले गए। इस दौरान घर में रखा सोने-चांदी का जेवरात भी साथ ले जाने का आरोप है, जिसमें एक तोला सोने की जंजीर, आधा तोला मंगलसूत्र और चांदी के जेवर शामिल बताए गए हैं।
मामले ने और गंभीर मोड़ तब लिया जब नरेंद्र के अनुसार उनका साला इंद्रपाल यादव फेसबुक पर “Indrapal Yadav IPS” नाम से फर्जी आईडी चलाने लगा। इस आईडी से वह हथियार के साथ स्टोरी डालकर खुलेआम 6 लाख रुपये की मांग कर रहा है और लिख रहा है कि रकम मिलने पर ही उसकी बहन को विदा किया जाएगा, अन्यथा जान से मार दिया जाएगा। पीड़ित का कहना है कि इन धमकियों के स्क्रीनशॉट और अन्य साक्ष्य भी उसके पास मौजूद हैं।
नरेंद्र यादव ने शाहजहांपुर के पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत देकर फर्जी आईपीएस आईडी चलाने, रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने के आरोपों में सख्त कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित का कहना है कि वह न्यायालय में पेशी के लिए लगातार शाहजहांपुर आता-जाता है, जिससे उसे हर समय किसी अनहोनी का डर बना रहता है। परिवार का आरोप है कि धमकियों और दबाव के बावजूद अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से आरोपी के हौसले और बढ़ते जा रहे हैं।
पीड़ित नरेंद्र और उसका परिवार सिर्फ इतना चाहता है कि कानून अपना काम करे, फर्जी पहचान बनाकर डर फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई हो और उसे व उसके परिवार को जानमाल की सुरक्षा मिले। अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर आरोप को कितनी संवेदनशीलता से लेता है और पीड़ित को कब तक न्याय मिल पाता है।
