बिहार के मुजफ्फरपुर में एक शख्स को पीएम मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के AI जनरेटेड फर्जी वीडियो बनाना महंगा पड़ गया। पुलिस ने आरोपी शख्स को गिरफ्तार कर लिया है।मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर में पीएम मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के AI जनरेटेड फर्जी वीडियो बनाना एक शख्स को महंगा पड़ गया। पुलिस ने आरोपी शख्स को गिरफ्तार कर लिया। ये गिरफ्तारी शुक्रवार को हुई है। आरोपी व्यक्ति पर आरोप है कि उसने पीएम मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के AI जनरेटेड फर्जी वीडियो और ऑडियो बनाए और उन्हें प्रसारित किया। AI जनरेटेड फर्जी वीडियो की भरमार
गौरतलब है कि सोशल मीडिया पर AI जनरेटेड फर्जी वीडियो की भरमार है और इस तरह का कंटेंट काफी वायरल किया जाता है। कंटेंट क्रिएटर्स ऐसा कंटेंट बनाने में मर्यादा की सारी हदें पार कर देते हैं और उनके खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया जाता।
मुजफ्फरपुर का मामला पीएम मोदी और राष्ट्रपति मुर्मू के AI जनरेटेड फर्जी वीडियो बनाने से था, इसलिए आरोपी पकड़े गए। इसके उलट अगर कोई और नेता या हस्ती होता तो गिरफ्तारी या तो लेट होती या फिर होती ही नहीं। इसके पीछे सबसे बड़ी समस्या है कि ऐसे कंटेंट क्रिएटर्स की पहचान करना और उनका पता लगाना। वाकई ये पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण काम है।
AI क्या है?
AI का पूरा नाम Artificial Intelligence है। अगर सरल शब्दों में समझें तो AI एक ऐसी तकनीक है जिसमें कंप्यूटर सिस्टम मशीनों के पास जानकारियों का भंडार आ जाता है और वे आपकी ज्यादातर समस्याओं का हल कर सकती है। जिस तरह ये तकनीक मानव जीवन के लिए बहुत उपयोगी साबित हुई है, उसी तरह इसका दुरुपयोग भी बढ़ रहा है।
इस तकनीक के माध्यम से किसी की फोटो को किसी के साथ भी जोड़ा जा सकता है, जिस आदमी को जैसी अवस्था में अपने वीडियो में लाना हो, उसे लाया जा सकता है, फोटो-वीडियो को रियलिस्टिक बनाकर पेश किया जा सकता है, जबकि उसमें दिख रहे लोग भले ही कभी उस स्थिति में नहीं आए हों।
AI इतनी सफाई से अपना काम करता है कि आप AI जेनरेटेड फर्जी वीडियो को भी असली समझने लगेंगे। ऐसा कई बार हो भी चुका है।
