बेगूसराय/भगवानपुर (विशेष संवाददाता)।
भगवानपुर थाना क्षेत्र के खखना जोकिया गांव में जमीन और रास्ते को लेकर चल रहा विवाद अब मानवीय संकट में बदल चुका है। विधवा महिला रेखा देवी ने आरोप लगाया है कि दबंग परिवार सरकारी वाटरवेज (बांध) की जमीन पर जबरन घर बना रहा है और उनके घर का इकलौता रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया गया है। पति के निधन के दो साल बाद चार बच्चों के साथ जीवन बसर कर रही रेखा देवी न्याय के लिए पंचायत, कचहरी और विभागीय दफ्तरों के चक्कर काट रही हैं, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हो रही।
पीड़िता के मुताबिक, 18 जनवरी 2026 को उन्होंने कचहरी में आवेदन देकर शिकायत की थी कि रामलाल सहनी (पिता स्व. सीताराम सहनी, ग्राम खखना जोकिया) ने उनके घर के सामने की वाटरवेज जमीन पर कब्जा कर रास्ता अवरुद्ध कर दिया है। पंचायत में दोनों पक्षों को बुलाया गया, लेकिन समझौता नहीं हो सका। रेखा देवी का आरोप है कि रामलाल सहनी साफ कह रहे हैं कि “रास्ता नहीं देंगे और घर बनाकर ही रहेंगे।”
रेखा देवी का घर खाता नं. 675, खेसरा नं. 733-734, थाना नं. 409 पर स्थित है, जबकि जिस जगह पर निर्माण किया जा रहा है वह सरकारी वाटरवेज बांध की जमीन बताई जा रही है। शिकायत के अनुसार, विरोध करने पर रामलाल सहनी, उनकी पत्नी भगवती देवी और परिवार के लोग गाली-गलौज, धमकी और डराने-धमकाने पर उतर आते हैं। कई बार रास्ते से निकलने पर बदसलूकी की गई है।
पीड़िता ने जल संसाधन विभाग, दलसिंहसराय के कार्यपालक अभियंता को भी लिखित आवेदन देकर अवैध निर्माण रोकने और रास्ता खुलवाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि यह निर्माण पूरा हो गया तो उनके खेत तक जाने का कोई रास्ता नहीं बचेगा और उनका परिवार पूरी तरह बेघर जैसा हो जाएगा।
गंभीर आरोप यह भी है कि आरोपी परिवार “दरभंगा प्रवृत्ति” का है और पैसों के दम पर हर जगह मामला दबाया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर प्रभाव के कारण कहीं भी कार्रवाई नहीं हो पा रही है। चार बच्चों की मां रेखा देवी के पास न तो मजबूत कानूनी सहायता है और न ही आर्थिक साधन, फिर भी वह अपने अधिकार के लिए लड़ रही हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यह मामला सिर्फ रास्ते का नहीं, बल्कि सरकारी जमीन पर कब्जे और विधवा महिला के उत्पीड़न का है। यदि प्रशासन ने तत्काल संज्ञान नहीं लिया तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
रेखा देवी ने जिला प्रशासन से तत्काल स्थल निरीक्षण, अवैध निर्माण रोकने, रास्ता बहाल करने और जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। यह मामला ग्रामीण क्षेत्र में जमीन विवाद, दबंगई और न्याय व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करता है।
