मितौली में जमीन हड़पने का सनसनीखेज मामला, प्रार्थिनी ने उपजिलाधिकारी से लगाई गुहार
लखीमपुर खीरी जनपद की तहसील मितौली से एक गंभीर और सनसनीखेज भूमि विवाद का मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने अपने ही ससुर द्वारा बेची गई जमीन के बजाय दूसरी जमीन पर जबरन कब्जा और फर्जी बैनामा कराए जाने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने पूरे मामले को लेकर उपजिलाधिकारी मितौली को शिकायती प्रार्थना पत्र देकर न्याय की मांग की है।
ग्राम मूसेपुर रसूलपुर, थाना मितौली की रहने वाली संगीता देवी पत्नी झम्मन लाल ने बताया कि उनके ससुर बनवारी लाल द्वारा ग्राम मूसेपुर पंचायत रसूलपुर स्थित गाटा संख्या 21 की भूमि को नन्हे पुत्र हजारी निवासी मूसेपुर के हाथों विधिवत रूप से बेचा गया था। इस बिक्री के सभी कागजात नियमानुसार तैयार किए गए थे। लेकिन आरोप है कि विपक्षीगण ने आपसी मिलीभगत कर खरीदी गई जमीन गाटा संख्या 21 पर कब्जा न करते हुए उनकी दूसरी भूमि गाटा संख्या 54 पर जबरन कब्जा कर लिया।
प्रार्थिनी के अनुसार विपक्षीगण ने दबंगई और गुंडागर्दी के बल पर गाटा संख्या 54 का बैनामा भी जबरन करवा लिया और अब उस जमीन पर लगातार कब्जा जमाने का प्रयास कर रहे हैं। जब इस अवैध कृत्य का विरोध किया गया तो उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकियां दी जाने लगीं।
पीड़िता ने यह भी बताया कि इस पूरे विवाद को लेकर मामला माननीय न्यायालय में विचाराधीन है, इसके बावजूद विपक्षीगण न्यायालय की प्रक्रिया का कोई सम्मान नहीं कर रहे हैं और खुलेआम दबाव बना रहे हैं। संगीता देवी का कहना है कि विपक्षीगण किसी बड़ी अनहोनी की साजिश रच रहे हैं और यदि उनके या उनके परिवार के किसी सदस्य के साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी विपक्षीगण की होगी।
पीड़िता ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर अवैध बैनामा निरस्त कराया जाए, जबरन कब्जा हटवाया जाए और उन्हें व उनके परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए। इस मामले ने क्षेत्र में सनसनी फैला दी है और स्थानीय लोगों में भी प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
अब देखना यह है कि उपजिलाधिकारी मितौली इस गंभीर आरोपों वाले मामले में क्या कार्रवाई करते हैं और पीड़िता को कब तक न्याय मिल पाता है।
