अलीगढ़/लखनऊ। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) से जुड़ा एक मामला सामने आया है, जिसमें लखनऊ निवासी एक कारीगर ने विश्वविद्यालय के प्रवक्ता व ठेकेदारी कार्य करने वाले व्यक्ति पर बकाया भुगतान न देने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने इस संबंध में थाना AMU मेडिकल रोड, अलीगढ़ सहित उच्च अधिकारियों को लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है।
पीड़ित राम संजीवन पुत्र श्याम लाल, निवासी फैजुल्लागंज, लखनऊ के अनुसार उन्होंने डॉ. रेहान (निवासी ग्राम-सबरहता, चौकी-इमकरानगंज, थाना-शाहगंज, जनपद-जौनपुर) के लिए फर्नीचर और लकड़ी का कार्य किया था। शिकायत में बताया गया है कि डॉ. रेहान का वर्तमान पता अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी मेडिकल रोड क्षेत्र बताया गया है।
फर्नीचर कार्य के बदले 7.83 लाख बकाया होने का दावा
शिकायत के मुताबिक पीड़ित ने डॉ. रेहान के यहां 22 पल्ला खिड़की, 6 जाली डोर, 2 जाली डोर गेलाई, 12 पाया रेलिंग, जीना रेलिंग, लकड़ी का काम, डाइनिंग टेबल-कुर्सी और पॉलिश सहित कई कार्य किए।
पीड़ित का कहना है कि इन सभी कार्यों की कुल राशि 5,53,600 रुपये बताई गई, जिसमें से 1,20,000 रुपये का भुगतान मिला, जबकि कुल बकाया 7,83,600 रुपये बताया गया है। पीड़ित ने यह भी दावा किया कि इस बकाया में 3,50,000 रुपये RAS Infractech नामक संस्था से जुड़ा भुगतान भी शामिल है।
टालमटोल और कॉल न उठाने का आरोप
राम संजीवन का आरोप है कि काम के दौरान उन्हें लगातार यह कहा जाता रहा कि पूरा भुगतान बाद में कर दिया जाएगा, लेकिन काम पूरा होने के बाद जब उन्होंने पैसा मांगा तो दो महीने से टालमटोल किया जा रहा है। पीड़ित के अनुसार फोन करने पर कॉल नहीं उठाई जाती और जब बात होती है तो कथित तौर पर धमकी भरी भाषा का इस्तेमाल किया जाता है।
“जो करना हो कर लो… जान से मार देंगे” जैसी धमकी का दावा
शिकायत में पीड़ित ने आरोप लगाया है कि डॉ. रेहान ने उन्हें कथित तौर पर कहा—
“जो करना हो कर लो, तुम मेरा कुछ नहीं कर पाओगे… मेरी पहुंच ऊपर तक है… ज्यादा करोगे तो जान से मारकर फेंक देंगे, तुम्हारे परिवार को भी पता नहीं चलेगा।”
पीड़ित ने बताया कि इस धमकी के बाद वह और उनका परिवार डर के माहौल में है।
पहले भी दी गई शिकायत, कार्रवाई नहीं होने का आरोप
पीड़ित के मुताबिक उन्होंने इस मामले को लेकर थाना शाहगंज, जौनपुर में भी शिकायती पत्र दिया था और कई बार व्यक्तिगत रूप से संपर्क किया, लेकिन केवल आश्वासन मिला, कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
पुलिस से बकाया दिलाने की मांग
पीड़ित राम संजीवन ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि डॉ. रेहान से 7,83,600 रुपये का भुगतान दिलाया जाए और धमकी देने के आरोपों की भी जांच कर उचित कार्रवाई की जाए।
नोट: यह खबर पीड़ित द्वारा दिए गए शिकायती पत्र/आवेदन में लगाए गए आरोपों पर आधारित है। पुलिस जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के प्रवक्ता पर फर्नीचर कारीगर का गंभीर आरोप, 7.83 लाख बकाया न देने और धमकी देने का दावा
