ग्वालियर/जालौन।
अंत्येष्टि कार्यक्रम में शामिल होने गए परिवार के घर और ज्वेलरी दुकान में लाखों की चोरी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। फरियादी शशिकांत सोनी पुत्र उमाचरण सोनी (उम्र 30 वर्ष) निवासी ग्राम पण्डोखर ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि 17 फरवरी को वे अपनी पत्नी मोहिनी सोनी, बड़े भाई विनोद सोनी, भाभी बिन्दु सोनी तथा अन्य परिजनों के साथ मामा ससुर पंकज सोनी निवासी सहाओ, जिला जालौन (उ.प्र.) की अंत्येष्टि में शामिल होने गए थे। घर और दुकान पर ताला लगाकर सभी सुबह करीब 10 बजे निकले थे।
शिकायत के अनुसार, रात करीब 12:40 बजे उनकी पत्नी ने मोबाइल से घर और दुकान में लगे कैमरे चेक किए तो वे चालू थे, लेकिन करीब 3 बजे कैमरे बंद दिखाई दिए। सुबह 18 फरवरी को करीब 10:15 बजे जब परिवार लौटा तो मकान-दुकान का मुख्य गेट खुला मिला। अंदर जाकर देखा तो दुकान का काउंटर टूटा पड़ा था और उसमें रखे चांदी के जेवर—पायल, बेल्ट, बिछिया, अंगूठी, मीना—करीब डेढ़ से दो किलो वजन के गायब थे। सोने-चांदी के अन्य जेवर जो लॉकर में थे, वे सुरक्षित मिले।
पीड़ित के मुताबिक तलघर के कमरे का गेट और अलमारी की स्लाइड टूटी मिली। वहां रखे सोने के गहने—शॉर्ट हार, जोधा हार, लॉन्ग हार, मंगलसूत्र, अंगूठियां, झुमकी, कंगन, चूड़ियां, जंजीर समेत पुराने इस्तेमाली गहने और नकदी भी गायब थी। साथ ही पत्नी के सोने-चांदी के गहने और 30 से 40 हजार रुपये नगद भी नहीं मिले। चोर CCTV का DVR और वाई-फाई राउटर भी साथ ले गए।
मीडिया से बातचीत में आकाश सोनी ने बताया कि उनकी ज्वेलरी शॉप ‘बालाजी ज्वेलरी’ पण्डोखर धाम में मुख्य सड़क पर स्थित है। हैरानी की बात यह है कि दुकान मेन रोड पर होने के बावजूद चोर बेखौफ होकर मुख्य गेट से अंदर घुसे और वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। उन्होंने बताया कि थाने से दुकान सिर्फ 500 मीटर दूरी पर है, इसके बावजूद इतनी बड़ी चोरी हो जाना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
आकाश सोनी का दावा है कि कुल मिलाकर 25 से 30 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। उनका कहना है कि रिपोर्ट में चोरी की रकम कम दर्शाई गई है, जबकि वास्तविक नुकसान कहीं अधिक है। उन्होंने थाने में तहरीर के साथ आपत्ति पत्र भी दिया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया है।
पीड़ित परिवार ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते मामले को गंभीरता से लिया जाए, ताकि चोरी हुए सामान की बरामदगी हो सके और क्षेत्र में व्यापारियों के बीच फैली दहशत खत्म हो। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
