गुजरात के दमन कच्ची ग्राम पुलिस चौकी के वापी में एक 19 वर्षीय युवक की संदिग्ध मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतक की पहचान अंकित कुमार सिंह के रूप में हुई है, जो मूल रूप से मध्य प्रदेश के इंदौर का निवासी था और दमन क्षेत्र में एक गैस एजेंसी पर काम करता था।
पुलिस और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, युवक की मौत का कारण “एस्फिक्सिया” यानी दम घुटना बताया गया है, जो कि फांसी लगाने की स्थिति में होता है। शव के गले पर लिगेचर मार्क (रस्सी का निशान) पाया गया, जिससे यह मामला आत्महत्या की ओर इशारा करता है। मेडिकल रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि मौत पोस्टमार्टम से लगभग 24 घंटे पहले हुई थी।
घटना 15 नवंबर 2025 की रात की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, अंकित ने उसी दिन अपनी नौकरी छोड़ दी थी और घर जाने की बात कह रहा था। रात में वह अपने रिश्तेदार के गोदाम में बने एक कमरे में रुका हुआ था। इसी दौरान उसने फोन पर अपनी मां से बात करते हुए आत्महत्या करने की बात कही थी।
परिजनों को जब इस बात की जानकारी मिली तो तुरंत गोदाम पहुंचा गया, जहां अंकित रस्सी के सहारे फांसी के फंदे पर लटका मिला। उसे तुरंत नीचे उतारकर अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
हालांकि, इस मामले ने नया मोड़ तब ले लिया जब मृतक के पिता ने गैस एजेंसी मालिक पर गंभीर आरोप लगाए। पिता का कहना है कि उनके बेटे को पैसे के लेन-देन को लेकर सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया था, जिससे वह मानसिक रूप से टूट गया और यह कदम उठाने को मजबूर हुआ।
पिता ने प्रशासन से मांग की है कि गैस एजेंसी मालिक के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने (एबेटमेंट टू सुसाइड) का मामला दर्ज किया जाए और सख्त कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि अगर समय रहते न्याय नहीं मिला, तो ऐसे मामलों में और भी युवा शिकार हो सकते हैं।
वहीं पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर कार्रवाई की जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के आरोपों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
न्याय की आस में दर-दर भटक रहा एक पिता आज भी अपने बेटे के लिए इंसाफ की गुहार लगा रहा है।
