मुंबई।
गौरव कश्यप ने मीडिया के माध्यम से अपनी पत्नी मानसी शेलार और उनके कथित सहयोगी अविनाश मोहिते पर गंभीर आरोप लगाए हैं। गौरव के अनुसार उनकी शादी 29 सितंबर 2014 को बांद्रा फैमिली कोर्ट में लव मैरिज के तौर पर हुई थी। शादी में उनके परिवार का कोई सदस्य मौजूद नहीं था, केवल दोस्त शामिल थे। शादी के दिन ही दोनों ने चारकोप पुलिस स्टेशन में जाकर अपनी मर्जी से विवाह करने की जानकारी भी दी थी।
गौरव का कहना है कि शादी के शुरुआती दिनों में सब ठीक था, लेकिन कुछ समय बाद घर में पैसों की चोरी होने लगी। पहले उन्हें किसी पर शक नहीं हुआ, लेकिन बाद में यह सिलसिला बढ़ता गया। उन्होंने दावा किया कि जब पैसा पत्नी के पास रखा जाता तो चोरी होती थी, और जब पैसा खुद अपने पास रखने लगे तो चोरी बंद हो गई।
पीड़ित पति के अनुसार उनकी पत्नी अक्सर घर से बाहर रहने लगीं और कई बार झूठ बोलकर अलग-अलग जगह जाने की बात कहती थीं। गौरव ने आरोप लगाया कि मानसी का मोबाइल हमेशा साइलेंट रहता था और वह फोन पर छिपकर किसी से बातचीत करती थीं।
गौरव ने यह भी दावा किया कि वर्ष 2016 के आसपास एक पारिवारिक शादी में अविनाश मोहिते की नजर उनकी पत्नी पर पड़ी और बाद में मानसी का उनसे संपर्क बढ़ गया। आरोप है कि इसके बाद मानसी का व्यवहार बदलता गया, घर की जिम्मेदारियों से दूरी बनी और आर्थिक लेन-देन भी संदिग्ध हो गया।
गौरव के मुताबिक 2023 में मानसी अचानक घर छोड़कर चली गईं, जिसके बाद उन्होंने चारकोप पुलिस स्टेशन में मिसिंग शिकायत दर्ज कराई। वहीं, बाद में उन्हें जानकारी मिली कि मानसी किसी एनजीओ में नहीं बल्कि सायन इलाके में थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में अल्पा शेलार और अविनाश मोहिते की भूमिका संदिग्ध रही और परिवार को गुमराह किया गया।
गौरव ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी पत्नी के मोबाइल में कई आपत्तिजनक और खतरनाक प्रकार की “गूगल सर्च हिस्ट्री” और संदिग्ध वीडियो मिले, जिससे उन्हें जान का खतरा महसूस हुआ। उन्होंने दावा किया कि उनके खिलाफ झूठे मामलों में फंसाने की कोशिश की गई और धमकियां भी मिलीं।
पीड़ित पति का कहना है कि अविनाश मोहिते ने उनकी पत्नी को सामने रखकर 1 करोड़ रुपये से अधिक के कथित फ्रॉड को अंजाम दिया है और यह मामला एक बड़े रैकेट से जुड़ा हो सकता है। गौरव ने पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कई बार सबूत देने के बावजूद उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया और केवल एनसी दर्ज कर औपचारिकता निभाई गई।
गौरव कश्यप ने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से निष्पक्ष जांच, सुरक्षा और सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते सही जांच होती तो मामला इतना गंभीर नहीं बनता।
2014 की लव मैरिज के बाद टूटा रिश्ता
पति ने पत्नी, रिश्तेदारों और कथित साजिशकर्ताओं पर लगाए गंभीर आरोप, न्याय की लगाई गुहार
मुंबई/बांद्रा। वर्ष 2014 में बांद्रा फैमिली कोर्ट में आपसी सहमति से हुई एक लव मैरिज आज गंभीर विवाद, मानसिक उत्पीड़न और आपराधिक आरोपों के घेरे में आ गई है। पीड़ित पति ने मीडिया के माध्यम से अपनी आपबीती साझा करते हुए आरोप लगाया है कि उसकी पत्नी और कुछ रिश्तेदारों द्वारा उसके खिलाफ सुनियोजित साजिश रची गई, जिससे उसकी जिंदगी बीते 7–8 वर्षों से लगातार तनाव, भय और अवसाद में गुजर रही है।
शादी के बाद शुरू हुआ विवाद
पीड़ित के अनुसार शादी से पहले उसने पत्नी के माता-पिता से मिलने और बात करने की इच्छा जताई थी, लेकिन पत्नी के कहने पर बिना पारिवारिक सहमति के ही कोर्ट मैरिज करनी पड़ी। शादी के बाद इसकी सूचना चारकोप पुलिस स्टेशन में दी गई। शुरुआती दिनों में दोनों परिवारों के बीच औपचारिक मेल-मुलाकात भी हुई, लेकिन कुछ समय बाद पति-पत्नी के संबंधों में लगातार तनाव बढ़ने लगा।
स्वास्थ्य, संतान और व्यवहार को लेकर तनाव
पति का आरोप है कि पत्नी का व्यवहार असामान्य होता गया। वैवाहिक संबंधों से दूरी, इलाज के बावजूद संतान न होना, आर्थिक मामलों में पारदर्शिता न रखना और बार-बार मायके या रिश्तेदारों के यहां चले जाना विवाद का कारण बना। पीड़ित का कहना है कि ससुराल पक्ष इलाज करवा रहा था, लेकिन पत्नी दवाइयों और परहेज को लेकर गंभीर नहीं थी।
घर में पैसों की चोरी के आरोप
पति ने दावा किया कि जिस घर में वे रहते थे, वहां उसके मित्र और बाद में स्वयं उसके पैसे रहस्यमय तरीके से गायब होने लगे। शुरुआत में संदेह नहीं किया गया, लेकिन बार-बार बड़ी रकम गायब होने पर शक गहराया। पीड़ित का दावा है कि कुल मिलाकर उसे और उसके मित्र को लाखों रुपये का नुकसान हुआ।
2023 में मामला हुआ गंभीर
जुलाई 2023 में पत्नी अचानक घर छोड़कर चली गई। 30 जुलाई 2023 को एक पत्र छोड़कर लापता होने पर पति ने चारकोप पुलिस स्टेशन में मिसिंग कंप्लेंट दर्ज कराई। कुछ दिन बाद पुलिस से जानकारी मिली कि पत्नी अपनी मर्जी से रह रही है।
पीड़ित का आरोप है कि इस पूरे घटनाक्रम में अविनाश मोहिते और उसकी बहन अल्पा शेलार की भूमिका संदिग्ध है, जिन्होंने उसकी पत्नी को भड़काकर उसके और उसके माता-पिता के खिलाफ खड़ा किया।
आत्महत्या प्रयास और आरोप
पति का यह भी आरोप है कि पूछताछ के दौरान पत्नी ने दवाइयों का अधिक सेवन कर आत्महत्या का प्रयास किया।
पति पर ही मानसिक दबाव बनाया गया।
काले जादू और धमकियों के आरोप
पीड़ित ने यह गंभीर आरोप भी लगाया कि पत्नी और कथित साजिशकर्ताओं द्वारा उस पर काला जादू जैसे कृत्य किए गए और उसे जान से मारने की साजिश रची गई। हालांकि यह आरोप उसकी व्यक्तिगत शिकायत पर आधारित हैं और जांच का विषय हैं। पीड़ित का कहना है कि “और भी कई राज हैं, जो समय आने पर सामने आएंगे।”
पुलिस कार्रवाई पर सवाल
पीड़ित का कहना है कि उसने दादर वेस्ट पुलिस स्टेशन, कस्तूरबा पुलिस स्टेशन सहित कई थानों के चक्कर काटे, लेकिन हर बार इसे “फैमिली मैटर” कहकर टाल दिया गया। उसका आरोप है कि यदि समय रहते शिकायतों पर कार्रवाई होती, तो हालात यहां तक नहीं पहुंचते।
मीडिया और प्रशासन से गुहार
पीड़ित ने मीडिया, पुलिस प्रशासन और न्यायिक अधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग की है। उसका कहना है कि उसे और उसके ससुराल पक्ष को जान का खतरा है। साथ ही उसने कानून के दुरुपयोग, झूठे मामलों की धमकी और आर्थिक शोषण जैसे मुद्दों पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं।
पीड़ित ने भावुक अपील करते हुए कहा कि वह आत्महत्या जैसी बातें धमकी के रूप में नहीं, बल्कि अपनी मजबूरी के तौर पर कह रहा है, क्योंकि उसे कहीं से भी न्याय मिलता नहीं दिख रहा।
नोट: यह खबर पीड़ित द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है। सभी आरोप जांच के अधीन हैं। संबंधित पक्षों का पक्ष आना शेष है।
