नालंदा जिले के हिलसा थाना क्षेत्र के ग्राम भदौल भावदास बिगहा की रहने वाली हेमंती देवी इन दिनों सोशल मीडिया पर अपनी मेहनत और संघर्ष की बदौलत चर्चा का विषय बनी हुई हैं। 1 जनवरी 1997 को जन्मी हेमंती देवी पिछले दो साल तीन महीने से लगातार वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं और अपने गांव से लेकर आसपास के इलाकों में पहचान बना चुकी हैं।
हेमंती देवी की कहानी संघर्ष और आत्मनिर्भरता की मिसाल है। वह एक साधारण ग्रामीण परिवार से आती हैं। उनके पति हूरिनन्दन कुमार हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य है। बावजूद इसके हेमंती देवी ने हालात से हार नहीं मानी। वह दिन में मेहनत मजदूरी करती हैं और शाम होते ही मोबाइल कैमरे के सामने अपनी प्रतिभा दिखाती हैं। सीमित संसाधनों के बीच वह खुद ही वीडियो की शूटिंग, अभिनय और अपलोडिंग का काम संभालती हैं।इनकी वीडियो आईडी संतोष कुमार के नाम से चला रहे हैं)
गांव की पगडंडियों, खेतों और अपने घर के आंगन को ही उन्होंने अपना स्टूडियो बना लिया है। लोकगीत, पारिवारिक झलकियां, ग्रामीण जीवन की सादगी और मेहनतकश जिंदगी की सच्चाई उनके वीडियो की खास पहचान बन गई है। यही वजह है कि धीरे धीरे उनके फॉलोअर्स की संख्या बढ़ती जा रही है और लोग उनके जज्बे को सलाम कर रहे हैं।

गांव के लोगों का कहना है कि हेमंती देवी ने यह साबित कर दिया है कि अगर इरादे मजबूत हों तो संसाधनों की कमी भी रास्ता नहीं रोक सकती। कई बार सामाजिक ताने और आर्थिक परेशानियों का सामना करने के बावजूद उन्होंने वीडियो बनाना नहीं छोड़ा। मेहनत मजदूरी से घर चलाते हुए सोशल मीडिया पर अपनी अलग पहचान बनाना आसान नहीं होता, लेकिन उन्होंने यह कर दिखाया।
हेमंती देवी कहती हैं कि वह अपने परिवार का सहारा बनना चाहती हैं और आगे चलकर अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा देना चाहती हैं। उनका सपना है कि वह सोशल मीडिया के जरिए इतनी पहचान बनाए कि उन्हें नियमित आय का साधन मिल सके और मजदूरी पर पूरी तरह निर्भर न रहना पड़े।
आज भदौल भावदास बिगहा गांव की यह बेटी कई महिलाओं के लिए प्रेरणा बनती जा रही है। वह दिखा रही हैं कि छोटे गांव से भी बड़े सपने देखे जा सकते हैं और उन्हें पूरा करने के लिए बस मेहनत और लगन की जरूरत होती है।
