अंबेडकर नगर। सरकार द्वारा गरीबों और जरूरतमंदों को मुफ्त इलाज की सुविधा देने के लिए चलाई जा रही आयुष्मान भारत योजना जमीनी स्तर पर कितनी प्रभावी है, इसका एक चिंताजनक मामला जिले से सामने आया है। यहां 23 वर्षीय बृजेश कुमार, पिता आसाराम, पिछले 8 महीनों से आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए दर-दर भटक रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल सका है।
बताया जा रहा है कि बृजेश कुमार का सितंबर 2025 में एक गंभीर सड़क हादसा हुआ था, जिसमें उन्हें गहरी चोटें आई थीं। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से होने के कारण उनके इलाज में भारी दिक्कतें आ रही हैं। परिवार की उम्मीद आयुष्मान कार्ड पर टिकी थी, लेकिन सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने के बावजूद उनका कार्ड अब तक नहीं बन पाया है।
परिजनों का आरोप है कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया, जनसेवा केंद्रों पर आवेदन किया और सभी आवश्यक दस्तावेज भी जमा किए, लेकिन हर बार उन्हें किसी न किसी बहाने से टाल दिया जाता है। कभी सर्वर डाउन होने की बात कही जाती है, तो कभी दस्तावेज अधूरे बताकर उन्हें वापस भेज दिया जाता है। इस लापरवाही के कारण घायल युवक का इलाज अधर में लटका हुआ है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की खामियों को उजागर करता है। सरकार की महत्वाकांक्षी योजना का लाभ सही समय पर जरूरतमंद तक नहीं पहुंच पा रहा है, जिससे आम जनता का भरोसा कमजोर हो रहा है।
इस पूरे मामले में प्रशासन की चुप्पी भी कई सवाल खड़े कर रही है। यदि समय रहते बृजेश को आयुष्मान कार्ड मिल जाता, तो उनका इलाज सुचारू रूप से हो सकता था। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस गंभीर मामले पर क्या कदम उठाता है और कब तक पीड़ित युवक को उसका हक मिल पाता है।
