नाबरंगपुर (उड़ीसा)। जिला नाबरंगपुर के गांव पदर निवासी सदा अरिहंत के पुत्र घासया ने आरोप लगाया है कि गांव के ही कुछ दबंग विपक्षी लगातार उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। पीड़ित का कहना है कि आरोपियों में मूलचंद और उसका पुत्र शामिल हैं, जिन्होंने उनके घर के बाहर निकलने वाले मुख्य रास्ते को पूरी तरह बंद कर दिया है।
पीड़ित के अनुसार, आरोपियों ने साफ शब्दों में कहा है कि “अगर इस रास्ते से निकले तो जान से मार देंगे”, जिससे अब परिवार का घर से बाहर निकलना तक मुश्किल हो गया है। उन्होंने बताया कि यह रास्ता वे पिछले कई वर्षों से उपयोग करते आ रहे हैं, लेकिन अब अचानक इसे जबरन बंद किया जा रहा है।
पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि विपक्षियों ने रास्ते के बीच में बड़ा गड्ढा कर दिया, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। पीड़ित का कहना है कि इस सड़क से सिर्फ उनका ही नहीं, बल्कि कई ग्रामीणों का आना-जाना रहता है, ऐसे में पूरे इलाके के लोगों को परेशानी झेलनी पड़ सकती है।
पीड़ित ने बताया कि वे पुलिस थानों के चक्कर काट चुके हैं, लेकिन राहत नहीं मिली। अब उनका मामला अदालत में विचाराधीन है, इसके बावजूद आरोपी लगातार दबाव बना रहे हैं और धमकी दे रहे हैं कि “प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री के पास भी चले जाओ, तुम्हें रास्ता नहीं मिलेगा।”
पीड़ित परिवार ने उड़ीसा के प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से अपील करते हुए कहा है कि उन्हें सुरक्षा दी जाए, रास्ता खुलवाया जाए और आरोपियों पर सबसे सख्त कार्रवाई की जाए ताकि उन्हें न्याय मिल सके।
घासया ने मीडिया को जानकारी देते हुए यह भी बताया कि पहले सड़क कंक्रीट की थी उसे कंक्रीट की सड़क को तोड़कर मूलचंद उसे पर गड्ढा कर दिया है और हमारा रास्ता बंद कर दिया है।
वहीं, नाबरंगपुर की JMFC कोर्ट द्वारा संबंधित मामले में गवाह को समन भी जारी किया गया है। अदालत ने केस नंबर 2-1164/17 के तहत सदा हरिजन (पिता- जितरु हरिजन), निवासी मालिपाड़ा गांव, कोसागुमुड़ा को 10 अक्टूबर 2022 सुबह 6:30 बजे कोर्ट में पेश होकर गवाही देने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने चेतावनी दी है कि यदि गवाह बिना कारण उपस्थित नहीं हुआ तो वारंट जारी किया जा सकता है।
