UGC ने नए रेगुलेशन के भारी विरोध के बीच, सुप्रीम कोर्ट में आज (गुरुवार को) सुनवाई के दौरान उसपर रोक लगा दी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नई गाइडलाइन की भाषा स्पष्ट नहीं है।नई दिल्ली: UGC ने नए रेगुलेशन के भारी विरोध के बीच, सुप्रीम कोर्ट में आज (गुरुवार को) सुनवाई के दौरान उसपर रोक लगा दी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नई गाइडलाइन की भाषा स्पष्ट नहीं है। इसकी अगली सुनवाई 19 मार्च को होगी। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर राजनीतिक पार्टियों ने अलग-अलग तरह के रिएक्शन दिए हैं। टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने जहां इसका स्वागत किया है तो वहीं, कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी सरकार पर भी आरोप मढ़े। पढ़ें UGC के नए नियम पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर रिएक्शन।
UGC रेगुलेशन पर नेताओं का रिएक्शन
ममता बनर्जी की पार्टी के सांसद कल्याण बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट ने बिल्कुल ठीक किया है। UGC की गाइडलाइन असंवैधानिक थी।’ वहीं, कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा, ‘सरकार का काम शांति बनाए रखना है, लेकिन वे धर्म और जाति के नाम पर हिंसा भड़काते हैं ताकि लोगों का ध्यान असली मुद्दों से भटके। मैं इस ऑर्डर के लिए सुप्रीम कोर्ट का धन्यवाद देता हूं।’
कांग्रेस सांसद ने की फिर से चर्चा की मांग
वहीं, कांग्रेस की MP रंजीत रंजन ने कहा, ‘इस संवेदनशील मुद्दे पर फिर से चर्चा होनी चाहिए, जिससे कि किसी भी स्टूडेंट को जाति के आधार पर भेदभाव का सामना न करना पड़े। यह सुनिश्चित करना चाहिए।’
MP बेनीवाल ने की आरक्षण बढ़ाने की मांग
RLP सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा, ‘अब सरकार को सुप्रीम कोर्ट में अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों समेत किसी भी छात्र के साथ छेड़छाड़ या अपमान करने वालों को दंडित किया जाना चाहिए। अब सरकार को तय करना पड़ेगा कि वह क्या करेगी। हम सामान्य वर्ग के खिलाफ नहीं हैं। जनगणना के बाद अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए रिजर्वेशन बढ़ाया जाना चाहिए।’
UGC रेगुलेशन पर सुप्रीम कोर्ट की रोक को लेकर किस नेता ने दिया कैसा रिएक्शन, जानें
